आज का पंचांग 8 अगस्त 2026
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आज का पंचांग 8 अगस्त 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

आज का पंचांग केवल समय की जानकारी नहीं, बल्कि दिन की लय और पारंपरिक ज्योतिषीय संकेतों को समझने का माध्यम भी है। यदि आप चाहते हैं कि दिन की शुरुआत बेहतर योजना और सकारात्मक सोच के साथ हो, तो पंचांग की जानकारी उपयोगी साबित हो सकती है। आइए जानते हैं आज के पंचांग से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।

आज का पंचांग 8 अगस्त 2026 | Aaj Ka Panchang 8th August 2026

8 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक परंपराओं, दैनिक कार्यों और शुभ समय की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज श्रावण मास की कृष्ण पक्ष दशमी तिथि है और शनिवार का दिन कर्म, अनुशासन तथा धैर्य का प्रतीक माना जाता है। यदि आप पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा या किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं, तो आज का पंचांग आपको दिनभर के प्रमुख ज्योतिषीय समय और आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष दशमी (2:00 PM तक)
वारशनिवार
पूर्णिमांत मासश्रावण
अमांत मासआषाढ़
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:29
सूर्यास्त18:40
चंद्रोदय00:19
चंद्रास्त14:46
नक्षत्ररोहिणी (4:52 PM तक)
योगध्रुव (9:02 AM तक)
करणविष्टि (1:57 PM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:38 AM से 12:30 PM
राहुकाल8:47 AM से 10:26 AM
गुलिक काल5:29 AM से 7:08 AM
यमघण्टकाल1:43 PM से 3:22 PM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिवृष
चंद्र निवासदक्षिण

तिथि और वार का प्रभाव

आज कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 2:00 PM तक रहेगी। दशमी तिथि को नियमित कार्यों को गति देने, जिम्मेदारियों को पूरा करने और योजनाओं को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके बाद अगली तिथि का आरंभ होगा।

आज शनिवार है, जो शनि देव की उपासना का दिन माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन धैर्य, अनुशासन, न्याय और कर्मप्रधान दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है। लंबी अवधि के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी इसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

मास, संवत और काल गणना

आज पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार श्रावण मास चल रहा है, जबकि अमांत पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास प्रभावी है। दोनों परंपराओं में मास निर्धारण की विधि अलग होने के कारण यह अंतर स्वाभाविक रूप से दिखाई देता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय पंचांग, धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक कालगणना में इन संवतों का विशेष महत्व माना जाता है।

ऋतु और अयन

इस समय वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। श्रावण मास और वर्षा ऋतु का मेल धार्मिक आयोजनों, व्रत-उपवास और शिव उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है।

अयन की दृष्टि से वर्तमान में दक्षिणायन चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं में यह काल साधना, संयम और आध्यात्मिक चिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:29 AM पर और सूर्यास्त 6:40 PM पर होगा। इन समयों के अनुसार आप अपने दैनिक कार्यों और पूजा-पाठ की उचित योजना बना सकते हैं।

आज चंद्रोदय 12:19 AM पर तथा चंद्रास्त 2:46 PM पर होगा। चंद्रमा वृष राशि में स्थित रहेगा तथा उसका चंद्र निवास दक्षिण दिशा में माना गया है, जो पंचांग की दैनिक ज्योतिषीय गणना का महत्वपूर्ण भाग है।

नक्षत्र, योग और करण

आज रोहिणी नक्षत्र शाम 4:52 PM तक रहेगा। रोहिणी नक्षत्र को स्थिरता, सृजनात्मकता और समृद्धि से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसके समाप्त होने के बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

आज ध्रुव योग सुबह 9:02 AM तक रहेगा। पंचांग में इस योग को स्थिरता और निरंतरता से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

आज विष्टि करण दोपहर 1:57 PM तक रहेगा। करण का उपयोग दैनिक कार्यों के समय और उनकी सफलता के पारंपरिक आकलन में किया जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:38 AM से 12:30 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों, पूजा या शुभ शुरुआत के लिए इस समय को विशेष माना जाता है।

  • राहुकाल: 8:47 AM से 10:26 AM

  • गुलिक काल: 5:29 AM से 7:08 AM

  • यमघण्टकाल: 1:43 PM से 3:22 PM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए एवं अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना उचित माना जाता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि पूर्व दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार आवश्यक सावधानी रखना शुभ माना जाता है।

आज सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा वृष राशि में स्थित हैं। इन ग्रहों की स्थिति पंचांग की दैनिक ज्योतिषीय गणनाओं और विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले सामान्य प्रभावों का आधार मानी जाती है।

आज के दिन का सार

हर दिन की अपनी अलग ज्योतिषीय संरचना होती है और उसी के अनुसार समय का महत्व भी बदलता है। यदि आप आज के पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखकर अपने कार्यों की योजना बनाते हैं, तो दिन को अधिक व्यवस्थित, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण ढंग से बिताना आसान हो सकता है।

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Published by Sri Mandir·July 31, 2026

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