
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
किसी शुभ काम की शुरुआत के लिए आज का दिन कैसा है? 12 सितंबर 2026 की पंचांग स्थिति इस सवाल का जवाब देती है। आज कुछ समय धार्मिक कार्यों और मांगलिक गतिविधियों के लिए बेहतर रह सकते हैं। इसलिए दिन की योजना बनाते समय शुभ मुहूर्त और पंचांग की स्थिति को जरूर ध्यान में रखें।
14 सितंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि और सोमवार का संयोग बन रहा है। आज तिथि के साथ नक्षत्र और योग में भी दिन के अलग-अलग समय पर बदलाव होगा। ऐसे में पूजा-पाठ, जरूरी काम या यात्रा की योजना बनाते समय केवल दिन ही नहीं, बल्कि संबंधित समय की पंचांग स्थिति पर भी ध्यान देना बेहतर रहेगा।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया (7:08 AM तक) |
वार | सोमवार |
पूर्णिमांत मास | भाद्रपद |
अमांत मास | भाद्रपद |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | वर्षा |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:44 |
सूर्यास्त | 18:04 |
चंद्रोदय | 08:33 |
चंद्रास्त | 19:51 |
नक्षत्र | चित्रा (1:57 PM तक) |
योग | ब्रह्मा (12:46 PM तक) |
करण | गर (7:08 AM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:30 AM से 12:18 PM |
राहुकाल | 7:17 AM से 8:49 AM |
गुलिक काल | 1:27 PM से 2:59 PM |
यमघण्टकाल | 10:22 AM से 11:54 AM |
दिशाशूल | पूर्व |
सूर्य राशि | सिंह |
चंद्र राशि | तुला |
चंद्र निवास | पश्चिम |
आज शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 7:08 AM तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। शुक्ल पक्ष की तिथियों को चंद्रमा के बढ़ते क्रम से जोड़ा जाता है, इसलिए आज का शुरुआती समय और उसके बाद होने वाला तिथि परिवर्तन पंचांग की दृष्टि से खास ध्यान देने योग्य है।
सोमवार का संबंध भगवान शिव और चंद्रमा से माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, ध्यान और मन को शांत रखने वाली गतिविधियों के लिए विशेष रुचि देखने को मिलती है। व्यस्त दिनचर्या के बीच कुछ समय आध्यात्मिक कार्यों के लिए निकालना आज की प्रकृति के अनुरूप माना जा सकता है।
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों पद्धतियों के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है। इसलिए आज की पंचांग गणना में दोनों मास परंपराओं में समानता दिखाई देती है।
समय की पारंपरिक गणना के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में इन संवतों का उल्लेख तिथि और धार्मिक काल की पहचान के लिए किया जाता है।
सितंबर के इस समय में वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। मौसम में बदलाव के कारण बाहर के काम या यात्रा की योजना बनाते समय परिस्थितियों का ध्यान रखना उपयोगी रहेगा।
वर्तमान में दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग की काल गणना में अयन सूर्य की स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देता है। धार्मिक परंपराओं में दक्षिणायन को साधना और आध्यात्मिक गतिविधियों से भी जोड़ा जाता है।
आज सूर्योदय 5:44 AM पर और सूर्यास्त 6:04 PM पर होगा। दिन के उजाले से जुड़े इन समयों को ध्यान में रखकर पूजा, दैनिक काम और बाहर की गतिविधियों की योजना बनाई जा सकती है।
आज चंद्रोदय 8:33 AM पर होगा, जबकि चंद्रास्त 7:51 PM पर रहेगा। चंद्रमा तुला राशि में स्थित है और उसका निवास पश्चिम दिशा में माना गया है। पंचांग की दैनिक ज्योतिषीय स्थिति को समझने में चंद्र राशि और चंद्र निवास का भी उल्लेख किया जाता है।
आज चित्रा नक्षत्र दोपहर 1:57 PM तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र में परिवर्तन होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में चित्रा नक्षत्र को रचनात्मकता, कौशल और किसी कार्य को बेहतर ढंग से पूरा करने की प्रवृत्ति से जोड़ा जाता है।
ब्रह्मा योग दोपहर 12:46 PM तक प्रभावी रहेगा। पंचांग में योग दिन की प्रकृति को समझने वाली प्रमुख गणनाओं में शामिल है।
आज गर करण सुबह 7:08 AM तक रहेगा। इसके बाद करण बदल जाएगा। चूंकि तिथि और करण दोनों एक ही समय के आसपास बदल रहे हैं, इसलिए सुबह के समय पंचांग देखने वालों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है।
आज का शुभ मुहूर्त 11:30 AM से 12:18 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समय तय करते समय इस अवधि को पंचांग की दृष्टि से देखा जा सकता है।
दिन में कुछ ऐसे समय भी हैं जिन्हें पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए टालने की सलाह दी जाती है:
राहुकाल: 7:17 AM से 8:49 AM
गुलिक काल: 1:27 PM से 2:59 PM
यमघण्टकाल: 10:22 AM से 11:54 AM
इन अवधियों से जुड़ी मान्यताएं पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित हैं। जरूरी कार्यों के लिए समय निर्धारित करते समय कार्य की प्रकृति और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना उचित रहेगा।
आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं में पूर्व दिशा की यात्रा के लिए दिशाशूल का विचार किया जाता है। यदि यात्रा जरूरी हो, तो अपनी मान्यता के अनुसार संबंधित उपायों का पालन किया जा सकता है।
आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा तुला राशि में स्थित हैं। सूर्य और चंद्रमा की राशियां पंचांग की दैनिक ज्योतिषीय स्थिति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चंद्रमा के तुला राशि में होने से दिन की गणना में संतुलन और व्यवहारिकता से जुड़े ज्योतिषीय संकेतों को भी महत्व दिया जा सकता है।
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