आज का पंचांग 15 सितंबर 2026
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आज का पंचांग 15 सितंबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

15 सितंबर 2026 के पंचांग में दिन को खास बनाने वाली कई ज्योतिषीय स्थितियां मौजूद हैं। आज सामान्य दिनचर्या के साथ पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए भी अनुकूल समय देखा जा सकता है। यदि कोई नया काम शुरू करने का विचार है, तो दिन की शुरुआत और शुभ मुहूर्त का चुनाव खास महत्व रखेगा।

आज का पंचांग 15 सितंबर 2026 | Aaj Ka Panchang 15th September 2026

15 सितंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और मंगलवार का संयोग है। आज सुबह तिथि और करण में बदलाव होगा, जबकि दोपहर तक योग और उसके बाद नक्षत्र भी बदल जाएगा। इसलिए आज के पंचांग में केवल शुभ-अशुभ समय ही नहीं, बल्कि दिन के अलग-अलग चरणों में बदलती पंचांग स्थिति भी ध्यान देने योग्य है।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थी (7:45 AM तक)
वारमंगलवार
पूर्णिमांत मासभाद्रपद
अमांत मासभाद्रपद
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:45
सूर्यास्त18:03
चंद्रोदय09:31
चंद्रास्त20:28
नक्षत्रस्वाति (3:22 PM तक)
योगइंद्र (12:20 PM तक)
करणविष्टि (7:45 AM तक)
शुभ मुहूर्त11:30 AM से 12:18 PM
राहुकाल2:59 PM से 4:31 PM
गुलिक काल11:54 AM से 1:26 PM
यमघण्टकाल8:49 AM से 10:22 AM
दिशाशूलउत्तर
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशितुला
चंद्र निवासपश्चिम

तिथि और वार का प्रभाव

आज शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:45 AM तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा के बढ़ते क्रम के बीच आने वाली चतुर्थी तिथि का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। किसी पूजा या व्रत से जुड़े कार्य की योजना बनाते समय तिथि के समाप्त होने का समय ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

आज मंगलवार है, जिसका संबंध परंपरागत रूप से मंगल ग्रह और भगवान हनुमान से माना जाता है। मंगलवार को साहस, सक्रियता और दृढ़ता से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। दिन की शुरुआत जरूरी कामों को प्राथमिकता देकर करने से समय का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों पंचांग पद्धतियों के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है। दोनों गणनाओं में आज मास समान होने के कारण तिथि को समझने में किसी प्रकार का अंतर नहीं दिखाई देता।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में संवत का उल्लेख भारतीय पारंपरिक काल गणना और धार्मिक तिथियों को निर्धारित करने के लिए किया जाता है।

ऋतु और अयन

आज वर्षा ऋतु का समय है। बारिश और मौसम में बदलाव के कारण बाहर जाने वाले लोगों को अपनी यात्रा तथा दैनिक गतिविधियों की योजना परिस्थितियों के अनुसार बनानी चाहिए।

अयन की दृष्टि से इस समय दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़ी काल गणना को दर्शाता है। धार्मिक परंपराओं में दक्षिणायन का भी अपना विशेष महत्व माना गया है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:45 AM पर और सूर्यास्त 6:03 PM पर होगा। दिन की शुरुआत और समाप्ति के इन समयों को ध्यान में रखकर दैनिक कार्यों तथा पूजा-पाठ की योजना बनाई जा सकती है।

आज चंद्रोदय 9:31 AM पर होगा, जबकि चंद्रास्त 8:28 PM पर रहेगा। चंद्रमा तुला राशि में स्थित है और उसका निवास पश्चिम दिशा में माना गया है। चंद्रमा की राशि और निवास आज की पंचांग गणना के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

नक्षत्र, योग और करण

आज स्वाति नक्षत्र दोपहर 3:22 PM तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र में परिवर्तन होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में स्वाति नक्षत्र को स्वतंत्र सोच, लचीलापन और अपनी दिशा में आगे बढ़ने की प्रवृत्ति से जोड़ा जाता है।

आज इंद्र योग दोपहर 12:20 PM तक प्रभावी रहेगा। पंचांग में योग का उपयोग दिन के विभिन्न समयों की प्रकृति को समझने के लिए किया जाता है।

विष्टि करण सुबह 7:45 AM तक रहेगा। इसके बाद करण बदल जाएगा। तिथि और करण दोनों का समय एक ही होने के कारण सुबह के समय पंचांग में होने वाला यह बदलाव विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है।

शुभ और अशुभ समय

आज का शुभ मुहूर्त 11:30 AM से 12:18 PM तक रहेगा। पंचांग की मान्यताओं के अनुसार इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए देखा जा सकता है।

वहीं दिन के कुछ समय ऐसे हैं जिन्हें पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता:

  • राहुकाल: 2:59 PM से 4:31 PM

  • गुलिक काल: 11:54 AM से 1:26 PM

  • यमघण्टकाल: 8:49 AM से 10:22 AM

इन समयों से जुड़ी मान्यताएं पारंपरिक पंचांग गणनाओं पर आधारित हैं। किसी आवश्यक कार्य के लिए समय तय करते हुए उसकी प्रकृति और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना उचित रहेगा।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उत्तर दिशा की यात्रा करते समय दिशाशूल का विचार किया जाता है। जरूरी यात्रा होने पर लोग अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार इससे जुड़े उपाय कर सकते हैं।

आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा तुला राशि में स्थित हैं। सूर्य और चंद्रमा की राशियां दिन की ज्योतिषीय स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। चंद्रमा का तुला राशि में होना आज की पंचांग गणना में एक प्रमुख स्थिति है।

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Published by Sri Mandir·September 10, 2026

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