
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां कुष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से सृष्टि की रचना की थी, इसलिए उनका स्वरूप सृजन और ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। 14 अक्टूबर को बुधवार के दिन देवी आराधना के साथ वरद चतुर्थी भी है।
आपके लिए चुनी गई पूजाएँ
अपने नाम और गोत्र से पूजा करवाएं और अपने परिवार के लिए ईश्वर का आशीर्वाद पाएं।
14 अक्टूबर 2026 को शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी और बुधवार का दिन होगा। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा, जबकि अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव तड़के तक बना रहेगा। दिन के दौरान करण और योग में बदलाव होगा, इसलिए अलग-अलग समय पर पंचांग की स्थिति भी बदलती रहेगी। पूजा-पाठ, यात्रा या किसी जरूरी काम की योजना बनाते समय तिथि, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय को साथ में देखना उपयोगी रहेगा।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्थी (1:14 AM तक) |
वार | बुधवार |
पूर्णिमांत मास | अश्विन |
अमांत मास | अश्विन |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | शरद |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:57 |
सूर्यास्त | 17:33 |
चंद्रोदय | 09:13 |
चंद्रास्त | 19:47 |
नक्षत्र | अनुराधा (4:04 AM तक) |
योग | आयुष्मान (8:39 PM तक) |
करण | वणिज (12:19 PM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:22 AM से 12:08 PM |
राहुकाल | 11:45 AM से 1:12 PM |
गुलिक काल | 10:18 AM से 11:45 AM |
यमघण्टकाल | 7:24 AM से 8:51 AM |
दिशाशूल | उत्तर |
सूर्य राशि | कन्या |
चंद्र राशि | वृश्चिक |
चंद्र निवास | उत्तर |
आज शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 1:14 AM तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व दिया जाता है और इस दिन पूजा-पाठ तथा आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए लोग पंचांग की स्थिति देखते हैं।
आज बुधवार होने के कारण दिन का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। पारंपरिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, संवाद, सीखने और गणना से जोड़ा जाता है। इसलिए अध्ययन, बातचीत, कागजी काम या रोजमर्रा के जरूरी कार्यों को व्यवस्थित ढंग से करने पर ध्यान देना उपयोगी रह सकता है।
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों पद्धतियों में अश्विन मास चल रहा है। इस वजह से मास के नाम को लेकर दोनों गणनाओं में अंतर नहीं दिखाई देता। अश्विन मास भारतीय धार्मिक परंपरा में महत्वपूर्ण माना जाता है और इस अवधि में अनेक व्रत, पूजा और पर्व आते हैं।
काल गणना के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में संवत की जानकारी किसी दिन की पारंपरिक कालगणना को समझने का एक महत्वपूर्ण आधार होती है।
14 अक्टूबर को पंचांग के अनुसार शरद ऋतु चल रही है। वर्षा ऋतु के बाद मौसम में बदलाव का यह समय होता है। दैनिक गतिविधियों या यात्रा की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की स्थिति को भी ध्यान में रखना व्यावहारिक रहेगा।
सूर्य की स्थिति के अनुसार अभी दक्षिणायन चल रहा है। भारतीय पंचांग परंपरा में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़ी महत्वपूर्ण गणना है। धार्मिक दृष्टि से इस अवधि में पूजा, साधना और आत्मचिंतन जैसी गतिविधियों को महत्व दिया जाता है।
आज सूर्योदय 5:57 AM पर और सूर्यास्त 5:33 PM पर होगा। दिन की शुरुआत से लेकर शाम तक किसी कार्य की समय-सीमा तय करते समय इन दोनों समयों को ध्यान में रखा जा सकता है।
चंद्रमा का चंद्रोदय 9:13 AM पर होगा और चन्द्रास्त 7:47 PM पर रहेगा। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा। पंचांग के अनुसार चंद्र निवास उत्तर दिशा में माना गया है। इस तरह सूर्य और चंद्रमा से जुड़े समय दिन की समयगत स्थिति को समझने में उपयोगी जानकारी देते हैं।
आज अनुराधा नक्षत्र 4:04 AM तक रहेगा। इसके बाद अगले नक्षत्र की स्थिति बनेगी। ज्योतिषीय परंपरा में अनुराधा नक्षत्र को अनुशासन, समर्पण, सहयोग और संबंधों से जुड़े गुणों के साथ देखा जाता है।
आज आयुष्मान योग 8:39 PM तक रहेगा। पंचांग में योग दिन की एक महत्वपूर्ण गणना है, जिसे शुभ कार्यों के समय का विचार करते हुए अन्य पंचांग तत्वों के साथ देखा जाता है। दिन आगे बढ़ने के साथ योग की स्थिति में बदलाव आएगा, इसलिए समय का ध्यान रखना उपयोगी रहेगा।
वणिज करण 12:19 PM तक रहेगा। इसके बाद करण बदल जाएगा। खास बात यह है कि आज शुभ मुहूर्त 11:22 AM से 12:08 PM तक है, जबकि वणिज करण दोपहर 12:19 PM तक रहेगा। इसलिए किसी काम का समय तय करते समय केवल एक ही पंचांग तत्व पर निर्भर रहने के बजाय पूरी समय-सारणी देखना बेहतर रहेगा।
आज का शुभ मुहूर्त 11:22 AM से 12:08 PM तक रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए पंचांग के अनुसार इस अवधि को देखा जा सकता है।
वहीं दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 11:45 AM से 1:12 PM
गुलिक काल: 10:18 AM से 11:45 AM
यमघण्टकाल: 7:24 AM से 8:51 AM
यहां एक महत्वपूर्ण समय-संबंध भी ध्यान देने योग्य है। आज शुभ मुहूर्त का अंतिम हिस्सा 11:45 AM से शुरू होने वाले राहुकाल से पहले समाप्त हो जाता है। इसलिए किसी जरूरी कार्य के लिए समय चुनते समय शुभ मुहूर्त और राहुकाल के बीच के अंतर को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।
आज पंचांग के अनुसार दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। यदि उत्तर दिशा की यात्रा करनी हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यात्रा का समय तय करते हुए दिशाशूल पर भी ध्यान दिया जाता है।
राशिगत स्थिति देखें तो आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा। चंद्रमा का निवास भी उत्तर दिशा में बताया गया है। चंद्रमा की वृश्चिक राशि में स्थिति आज के पंचांग की प्रमुख ज्योतिषीय जानकारियों में शामिल है।
14 अक्टूबर का पंचांग देखने पर दिन को कुछ महत्वपूर्ण समय-खंडों में समझा जा सकता है। सुबह 7:24 AM से 8:51 AM तक यमघण्टकाल रहेगा और 10:18 AM से 11:45 AM तक गुलिक काल रहेगा। इसके बाद 11:22 AM से 12:08 PM तक शुभ मुहूर्त है, लेकिन इसी दौरान 11:45 AM से राहुकाल शुरू हो जाएगा। वहीं 12:19 PM पर वणिज करण की अवधि समाप्त होगी।
इसलिए आज किसी महत्वपूर्ण काम के लिए समय तय करते हुए केवल शुभ मुहूर्त देखना पर्याप्त नहीं होगा। तिथि, करण और राहुकाल को एक साथ देखकर समय चुनना अधिक व्यवस्थित तरीका रहेगा। सुबह से शाम तक बदलती पंचांग स्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई गई योजना दिन के कामों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद कर सकती है।
Did you like this article?

Aaj Ka Panchang 15 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 13 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 12 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।