आज का पंचांग 13 अगस्त 2026
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आज का पंचांग 13 अगस्त 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

आज का पंचांग दैनिक जीवन में शुभ समय और ज्योतिषीय परिस्थितियों को समझने का पारंपरिक आधार है। आज पूजा-पाठ, यात्रा या किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना है, तो पंचांग की जानकारी काम आ सकती है। दिन की शुरुआत सही तैयारी और सकारात्मक सोच के साथ करना इसे बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

आज का पंचांग 13 अगस्त 2026 | Aaj Ka Panchang 13th August 2026

13 अगस्त 2026 को पंचांग की शुरुआत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हो रही है। अमावस्या के बाद शुरू होने वाला यह पक्ष धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है और आज का गुरुवार भी पूजा-पाठ तथा आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। दिन में तिथि, नक्षत्र और योग के समय बदलते रहेंगे, इसलिए किसी विशेष कार्य की योजना बनाते समय इनका ध्यान रखना उपयोगी हो सकता है।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदा (8:42 PM तक)
वारगुरुवार
पूर्णिमांत मासश्रावण
अमांत मासश्रावण
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:31
सूर्यास्त18:36
चंद्रोदय05:53
चंद्रास्त19:06
नक्षत्रअश्लेषा (6:07 AM तक)
योगवरीयान (12:16 PM तक)
करणकिंस्तुघ्न (9:53 AM तक)
शुभ मुहूर्त11:38 AM से 12:30 PM
राहुकाल1:42 PM से 3:20 PM
गुलिक काल8:47 AM से 10:25 AM
यमघण्टकाल5:31 AM से 7:09 AM
दिशाशूलदक्षिण
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिकर्क
चंद्र निवासउत्तर

तिथि और वार का प्रभाव

आज शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रात 8:42 PM तक रहेगी। अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की शुरुआत होने के कारण यह तिथि नए चंद्र पक्ष का आरंभ दर्शाती है। धार्मिक परंपराओं में प्रतिपदा को नियमित पूजा, संकल्प और आने वाले दिनों की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज गुरुवार है, जिसे गुरु ग्रह से संबंधित दिन माना जाता है। धार्मिक कार्य, गुरु पूजन, अध्ययन और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए गुरुवार का विशेष महत्व रहता है। इसलिए आज दैनिक कार्यों के साथ पूजा-पाठ के लिए भी समय निकालना शुभ माना जा सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार श्रावण मास चल रहा है। इससे आज के पंचांग में मास को लेकर किसी तरह का अंतर नहीं दिखाई देता। सावन का समय होने के कारण शिव पूजा और धार्मिक साधना का महत्व भी बना हुआ है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय पंचांग में इन संवतों के माध्यम से तिथि और वर्ष की पारंपरिक कालगणना की जाती है।

ऋतु और अयन

अभी वर्षा ऋतु चल रही है। सावन के इस समय में बारिश, हरियाली और धार्मिक गतिविधियों का विशेष वातावरण देखने को मिलता है। मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा या बाहरी कार्यक्रमों की योजना बनाना भी उपयोगी रहेगा।

अयन की दृष्टि से दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़े कालखंड को दर्शाता है और धार्मिक कालगणना में इसका उल्लेख किया जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:31 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:36 PM पर होगा। दिन की शुरुआत और समाप्ति के इन समयों के आधार पर पूजा, दैनिक कार्य और अन्य गतिविधियों का समय तय किया जा सकता है।

आज चंद्रोदय 5:53 AM पर तथा चंद्रास्त 7:06 PM पर होगा। सूर्य और चंद्रमा दोनों कर्क राशि में स्थित हैं। चंद्रमा का निवास उत्तर दिशा माना गया है, जो आज की पंचांग गणना का एक अन्य महत्वपूर्ण पक्ष है।

नक्षत्र, योग और करण

आज अश्लेषा नक्षत्र सुबह 6:07 AM तक रहेगा। इसके बाद अगले नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। ज्योतिषीय परंपरा में अश्लेषा को गहन विचार, सूक्ष्मता और भावनात्मक पक्ष से जोड़कर देखा जाता है।

आज वरीयान योग दोपहर 12:16 PM तक रहेगा। पंचांग में योग की स्थिति को किसी दिन के कार्यों की प्रकृति समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

किंस्तुघ्न करण सुबह 9:53 AM तक रहेगा। करण तिथि का एक भाग होता है और दैनिक मुहूर्त की गणना में इसका उपयोग किया जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज शुभ मुहूर्त 11:38 AM से 12:30 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समय चुनते हुए इस अवधि को ध्यान में रखा जा सकता है।

  • राहुकाल: 1:42 PM से 3:20 PM

  • गुलिक काल: 8:47 AM से 10:25 AM

  • यमघण्टकाल: 5:31 AM से 7:09 AM

पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन अशुभ समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। यदि आज दक्षिण दिशा की यात्रा करनी हो, तो यात्रा से पहले पंचांग में बताए गए पारंपरिक उपायों का ध्यान रखा जा सकता है।

आज सूर्य और चंद्रमा दोनों कर्क राशि में स्थित हैं। चंद्र राशि और चंद्र निवास के साथ इन ग्रह स्थितियों को दिन की ज्योतिषीय गणना में महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज के दिन की खास बात

13 अगस्त का पंचांग एक ऐसे दिन की जानकारी देता है जिसमें शुक्ल पक्ष की शुरुआत और सावन मास की धार्मिक पृष्ठभूमि दोनों साथ दिखाई देती हैं। इसलिए आज का दिन केवल समय देखने तक सीमित नहीं है; पूजा, संकल्प और आने वाले दिनों की तैयारी के लिए भी इसे व्यवस्थित ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है। खासकर यदि कोई धार्मिक कार्य या महत्वपूर्ण गतिविधि तय करनी हो, तो शुभ मुहूर्त के साथ राहुकाल और दिशाशूल का भी ध्यान रखना बेहतर रहेगा।

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Published by Sri Mandir·August 13, 2026

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