आज का पंचांग 12 जुलाई 2026
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

आज का पंचांग 12 जुलाई 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

कई बार पूरे दिन की दिशा इस बात पर निर्भर करती है कि शुरुआत किस समय और किस योजना से की गई। 12 जुलाई 2026 का पंचांग आज के शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, योग और करण की महत्वपूर्ण जानकारी आपके लिए लेकर आया है।

आज का पंचांग 12 जुलाई 2026 | Aaj Ka Panchang 12th July 2026

कुछ दिन ऐसे होते हैं जब पंचांग केवल तिथि और समय बताने का माध्यम नहीं रहता, बल्कि दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय विशेषताओं को समझने का अवसर भी देता है। 12 जुलाई 2026 ऐसा ही एक दिन है। आज त्रयोदशी तिथि के साथ प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि और रोहिणी व्रत जैसे महत्वपूर्ण पर्व पड़ रहे हैं। यदि आप पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा या अन्य आवश्यक कार्यों की योजना बना रहे हैं, तो आज का पंचांग दिन के प्रमुख शुभ-अशुभ समय और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति जानने में उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशी (10:31 PM तक)
वाररविवार
पूर्णिमांत मासआषाढ़
अमांत मासज्येष्ठ
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुग्रीष्म
अयनउत्तरायण
सूर्योदय05:16
सूर्यास्त18:52
चंद्रोदय02:31
चंद्रास्त17:03
नक्षत्ररोहिणी (8:30 AM तक)
योगवृद्धि (8:07 PM तक)
करणगर (12:17 PM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:37 AM से 12:31 PM
राहुकाल5:10 PM से 6:52 PM
गुलिक काल3:28 PM से 5:10 PM
यमघण्टकाल12:04 PM से 1:46 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिमिथुन
चंद्र राशिवृष
चंद्र निवासदक्षिण

तिथि और वार का महत्व

आज कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रात्रि 10:31 PM तक रहेगी। त्रयोदशी का संबंध विशेष रूप से भगवान शिव की उपासना से माना जाता है और आज प्रदोष व्रत तथा मासिक शिवरात्रि का संयोग इस दिन को धार्मिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी।

रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित माना जाता है। परंपरागत मान्यता के अनुसार यह दिन आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़े कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। कई लोग इस दिन सूर्योपासना और दान-पुण्य को भी शुभ मानते हैं।

मास, संवत और काल गणना

आज पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास चल रहा है, जबकि अमांत परंपरा में ज्येष्ठ मास प्रभावी है। दोनों प्रणालियों में मास परिवर्तन की विधि अलग होने के कारण यह अंतर सामान्य माना जाता है।

कालगणना के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। धार्मिक अनुष्ठानों, व्रतों और पारंपरिक पंचांग में इन संवतों का विशेष स्थान है।

ऋतु और अयन

पंचांग के अनुसार अभी ग्रीष्म ऋतु चल रही है। यद्यपि कई स्थानों पर वर्षा का प्रभाव दिखाई देने लगा है, फिर भी वैदिक ऋतु गणना में यह समय ग्रीष्म ऋतु का ही भाग माना जाता है।

सूर्य की गति के अनुसार वर्तमान में उत्तरायण चल रहा है। भारतीय धार्मिक परंपराओं में उत्तरायण को शुभ कार्यों और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल काल माना गया है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:16 AM पर तथा सूर्यास्त 6:52 PM पर होगा। दिन की अवधि को ध्यान में रखकर दैनिक कार्यों, पूजा और यात्रा की योजना बनाई जा सकती है।

चंद्रमा का उदय 2:31 AM पर तथा चंद्रास्त 5:03 PM पर होगा। आज चंद्रमा वृष राशि में रहेगा और उसका निवास दक्षिण दिशा में माना गया है, जो पंचांग की ज्योतिषीय गणना का महत्वपूर्ण भाग है।

नक्षत्र, योग और करण

आज रोहिणी नक्षत्र प्रातः 8:30 AM तक रहेगा। वैदिक ज्योतिष में रोहिणी नक्षत्र को सौंदर्य, विकास, समृद्धि और स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। इसके पश्चात अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

आज वृद्धि योग रात्रि 8:07 PM तक रहेगा। पंचांग में इस योग को उन्नति, विस्तार और प्रगति के संकेतों से संबंधित माना जाता है। शुभ कार्यों की योजना बनाते समय योग का विचार भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज का करण गर दोपहर 12:17 PM तक रहेगा। करण पंचांग का ऐसा अंग है, जिसका उपयोग दैनिक कार्यों के समय निर्धारण और शुभाशुभ विचार में किया जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:37 AM से 12:31 PM तक रहेगा। इस अवधि को महत्वपूर्ण कार्यों के आरंभ के लिए शुभ माना जाता है।

  • राहुकाल: 5:10 PM से 6:52 PM

  • गुलिक काल: 3:28 PM से 5:10 PM

  • यमघण्टकाल: 12:04 PM से 1:46 PM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए या अत्यधिक महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा करना आवश्यक हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शुभ विचार के साथ यात्रा प्रारंभ करना उचित माना जाता है।

आज सूर्य मिथुन राशि में तथा चंद्रमा वृष राशि में स्थित हैं। ग्रहों की यह स्थिति दिनभर के ज्योतिषीय वातावरण को प्रभावित करती है और पंचांग के अन्य तत्वों के साथ मिलकर दिन की समग्र स्थिति को दर्शाती है।

आज के पंचांग से क्या समझें?

आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है क्योंकि प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि और रोहिणी व्रत का संयोग एक ही दिन बन रहा है। यदि आपके लिए पूजा-पाठ, व्रत या आध्यात्मिक साधना महत्वपूर्ण है, तो पंचांग में दिए गए तिथि परिवर्तन, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी को ध्यान में रखकर दिन की योजना बनाना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। दैनिक कार्यों और धार्मिक आचरण के बीच संतुलन बनाने में पंचांग एक उपयोगी मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।

divider
Published by Sri Mandir·July 8, 2026

Did you like this article?

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook