आज का पंचांग 15 जुलाई 2026
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आज का पंचांग 15 जुलाई 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

क्या आज किसी महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत करने का विचार है? उससे पहले 15 जुलाई 2026 के पंचांग पर एक नजर डालना उपयोगी हो सकता है। यहां जानें आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और दिनभर के प्रमुख शुभ-अशुभ समय।

आज का पंचांग 15 जुलाई 2026 | Aaj Ka Panchang 15th July 2026

15 जुलाई 2026 से शुक्ल पक्ष का आरंभ हो रहा है, इसलिए आज का दिन नई शुरुआत और सकारात्मक योजनाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। पंचांग में दिए गए तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय दैनिक जीवन के अनेक निर्णयों में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यदि आप आज के दिन पूजा, यात्रा, किसी नए कार्य या महत्वपूर्ण कार्यक्रम का समय तय करना चाहते हैं, तो पहले आज का पंचांग जान लेना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदा (11:52 AM तक)
वारबुधवार
पूर्णिमांत मासआषाढ़
अमांत मासज्येष्ठ
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुग्रीष्म
अयनउत्तरायण
सूर्योदय05:18
सूर्यास्त18:52
चंद्रोदय05:59
चंद्रास्त19:54
नक्षत्रपुष्य (9:48 PM तक)
योगहर्षण (8:04 AM तक)
करणबव (11:54 AM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:38 AM से 12:32 PM
राहुकाल12:05 PM से 1:46 PM
गुलिक काल10:23 AM से 12:05 PM
यमघण्टकाल6:59 AM से 8:41 AM
दिशाशूलउत्तर
सूर्य राशिमिथुन
चंद्र राशिकर्क
चंद्र निवासउत्तर

तिथि और वार का प्रभाव

आज शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पूर्वाह्न 11:52 AM तक रहेगी। प्रतिपदा को नए चंद्र पक्ष की पहली तिथि माना जाता है, इसलिए इसे नई योजनाओं की शुरुआत, नियमित कार्यों को व्यवस्थित करने और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए शुभ माना जाता है।

आज बुधवार है, जो बुध ग्रह से संबंधित दिन माना जाता है। यह दिन अध्ययन, व्यापार, लेखन, संवाद, गणना और बौद्धिक कार्यों के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है। महत्वपूर्ण बैठकों या विचार-विमर्श के लिए भी यह दिन उपयोगी हो सकता है।

मास, संवत और काल गणना

पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार आज आषाढ़ मास प्रभावी है, जबकि अमांत पंचांग में ज्येष्ठ मास का उल्लेख मिलता है। भारतीय पंचांग की दोनों प्रणालियां अपनी-अपनी गणना पद्धति के अनुसार मान्य हैं।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) चल रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों, पर्वों और शुभ मुहूर्तों के निर्धारण में इन संवतों का विशेष महत्व है।

ऋतु और अयन

ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव अभी बना हुआ है, हालांकि वातावरण में वर्षा ऋतु के आगमन के संकेत धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगते हैं। इस समय मौसम में बदलाव के अनुसार दैनिक कार्यों की योजना बनाना लाभदायक हो सकता है।

सूर्य उत्तरायण में स्थित है। वैदिक परंपरा के अनुसार यह काल धर्म, अध्ययन और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:18 AM पर तथा सूर्यास्त 6:52 PM पर होगा। इन समयों के आधार पर दिन की गतिविधियों और धार्मिक कार्यों की योजना बनाई जा सकती है।

चंद्रोदय 5:59 AM पर तथा चंद्रास्त 7:54 PM पर होगा। आज चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि सूर्य मिथुन राशि में रहेगा। चंद्र निवास उत्तर दिशा में माना गया है।

नक्षत्र, योग और करण

आज पुष्य नक्षत्र रात्रि 9:48 PM तक रहेगा। पंचांग में पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है और इसे अनेक मांगलिक एवं धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

हर्षण योग सुबह 8:04 AM तक रहेगा। इस योग को उत्साह, प्रसन्नता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

आज बव करण 11:54 AM तक रहेगा। करण का उपयोग दैनिक शुभ समय और कार्यों की अनुकूलता का आकलन करने में किया जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:38 AM से 12:32 PM तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह समय महत्वपूर्ण कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

  • राहुकाल: 12:05 PM से 1:46 PM

  • गुलिक काल: 10:23 AM से 12:05 PM

  • यमघण्टकाल: 6:59 AM से 8:41 AM

यदि किसी नए कार्य का शुभारंभ करना हो, तो इन समयों को ध्यान में रखकर योजना बनाना उपयोगी माना जाता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। यदि उत्तर दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित सावधानी और शुभ विचार के साथ यात्रा करना बेहतर माना जाता है।

आज सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में स्थित हैं। दोनों ग्रहों की यह स्थिति पंचांग की दैनिक गणना का महत्वपूर्ण आधार बनती है और दिन के सामान्य ज्योतिषीय संकेतों को दर्शाती है।

आज के पंचांग से क्या समझें?

पंचांग केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन के समय प्रबंधन का भी एक पारंपरिक साधन है। यदि आप दिनभर के कार्यों को प्राथमिकता के अनुसार व्यवस्थित करना चाहते हैं, तो तिथि, मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखकर अपनी योजना बनाना अधिक संतुलित और व्यवस्थित दृष्टिकोण प्रदान कर सकता है।

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Published by Sri Mandir·July 8, 2026

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