आज का पंचांग 11 नवंबर 2026
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आज का पंचांग 11 नवंबर 2026

11 नवंबर 2026 के पंचांग में दिन की शुरुआत से जुड़े महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संकेत और समय जानें। तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय और सूर्यास्त की जानकारी यहां एक साथ पढ़ सकते हैं।

आज के पंचांग के बारे में

भाई दूज का संबंध यमराज और उनकी बहन यमुना की पौराणिक कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि यमुना ने अपने भाई का आदर-सत्कार किया और उनके मंगल की कामना की। इसी परंपरा से यम द्वितीया का महत्व सामने आता है। बुधवार, 11 नवंबर को द्वितीया तिथि के साथ यह पर्व मनाया जाएगा, जिसमें भाई-बहन के प्रेम को धार्मिक आधार मिलता है।

आज का पंचांग 11 नवंबर 2026 | Aaj Ka Panchang 11th November 2026

11 नवंबर 2026, बुधवार को शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। आज के पंचांग में सुबह का समय खास तौर पर ध्यान देने योग्य है, क्योंकि अनुराधा नक्षत्र पूर्वाह्न 11:39 AM तक रहेगा और इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र आरंभ होगा। वहीं, तिथि दोपहर 3:55 PM तक बनी रहेगी। दिन के शुभ मुहूर्त के साथ राहुकाल और गुलिक काल का समय भी करीब-करीब आसपास पड़ रहा है। ऐसे में किसी धार्मिक कार्य या जरूरी योजना के लिए समय तय करते समय इन अवधियों को अलग-अलग देखना उपयोगी होगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीया (3:55 PM तक)
वारबुधवार
पूर्णिमांत मासकार्तिक
अमांत मासकार्तिक
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुशरद
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय06:13
सूर्यास्त17:12
चंद्रोदय07:59
चंद्रास्त18:29
नक्षत्रअनुराधा (11:39 AM तक)
योगअतिगण (3:40 AM तक)
करणकौलव (3:56 PM तक)
शुभ मुहूर्त11:22 AM से 12:04 PM
राहुकाल11:43 AM से 1:05 PM
गुलिक काल10:20 AM से 11:43 AM
यमघण्टकाल7:35 AM से 8:58 AM
दिशाशूलउत्तर
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिवृश्चिक
चंद्र निवासउत्तर

शुक्ल पक्ष की द्वितीया और बुधवार का महत्व

आज शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि दोपहर 3:55 PM तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू होगी। शुक्ल पक्ष की शुरुआती तिथियों में द्वितीया का अपना स्थान है। इस दिन कई लोग नियमित पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के साथ नए चंद्र पक्ष की शुरुआत से जुड़ी परंपराओं का पालन करते हैं।

बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा, मंत्र जाप या अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रार्थना करने की परंपरा है। दिन के धार्मिक कार्यों की योजना बनाते समय द्वितीया के समाप्त होने का समय ध्यान में रखा जा सकता है।

कार्तिक मास और संवत की जानकारी

आज अमांत और पूर्णिमांत, दोनों पद्धतियों के अनुसार कार्तिक मास है। चंद्र मास की गणना करने वाली इन दोनों प्रणालियों में मास के आरंभ और समाप्त होने का आधार अलग होता है। हालांकि आज दोनों में कार्तिक मास ही चल रहा है।

पंचांग के अनुसार वर्तमान वर्ष विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) है। भारतीय पंचांग में इन संवतों का उपयोग पारंपरिक तिथि, मास और वर्ष की गणना को समझने के लिए किया जाता है।

शरद ऋतु और दक्षिणायन की स्थिति

आज शरद ऋतु है और दक्षिणायन चल रहा है। ऋतु का विवरण वर्ष के मौसमी चक्र को दर्शाता है, जबकि अयन सूर्य की वार्षिक गति पर आधारित पारंपरिक काल गणना का हिस्सा है।

कार्तिक मास के दौरान सुबह और शाम के वातावरण में ठंडक बढ़ने लगती है। दिन के काम, सुबह की पूजा या शाम की यात्रा तय करते समय मौसम और अपनी सुविधा के अनुसार तैयारी करना अच्छा रहेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा के समय

आज सूर्योदय 6:13 AM पर और सूर्यास्त 5:12 PM पर होगा। सुबह की दिनचर्या शुरू करने से लेकर शाम के धार्मिक कार्यों तक, इन समयों से दिन के प्रकाश की अवधि का अनुमान लगाया जा सकता है।

आज चंद्रोदय 7:59 AM पर होगा और चंद्रास्त 6:29 PM पर रहेगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित है और चंद्र निवास उत्तर दिशा बताया गया है। चंद्रमा के उदय और अस्त होने का समय तिथि तथा अन्य ज्योतिषीय स्थितियों के साथ पंचांग का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

अनुराधा नक्षत्र, अतिगण योग और कौलव करण

आज अनुराधा नक्षत्र सुबह 11:39 AM तक रहेगा। इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र आरंभ होगा। अनुराधा नक्षत्र को पारंपरिक ज्योतिष में मित्रता, सहयोग और संबंधों से जोड़कर देखा जाता है। सुबह के बाद नक्षत्र बदलने के कारण किसी नक्षत्र विशेष के अनुसार धार्मिक कार्य करने वालों को समय का ध्यान रखना चाहिए।

अतिगण योग रात 3:40 AM तक रहेगा। यह समय सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा, इसलिए दिन के समय अगला योग प्रभावी रहेगा। पंचांग में योग का समय तिथि और नक्षत्र से अलग दर्ज किया जाता है, इसलिए इनके परिवर्तन को एक साथ मानना सही नहीं है।

आज कौलव करण दोपहर 3:56 PM तक रहेगा। द्वितीया तिथि 3:55 PM पर समाप्त होगी और करण का समय इसके एक मिनट बाद तक दिया गया है। दोपहर के इस छोटे अंतर को देखते हुए तिथि और करण से जुड़े कार्यों के लिए संबंधित समय अलग-अलग देखना उपयोगी रहेगा।

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

आज का शुभ मुहूर्त सुबह 11:22 AM से दोपहर 12:04 PM तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं में इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए देखा जाता है। पूजा, धार्मिक संकल्प या किसी विशेष आयोजन का समय तय करते हुए संबंधित कार्य की परंपरा और आवश्यक नियमों का भी ध्यान रखें।

आज के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 11:43 AM से 1:05 PM

  • गुलिक काल: 10:20 AM से 11:43 AM

  • यमघण्टकाल: 7:35 AM से 8:58 AM

पारंपरिक मान्यता के अनुसार इन अवधियों में नए महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। आज शुभ मुहूर्त का समय राहुकाल शुरू होने से पहले समाप्त हो रहा है, जबकि गुलिक काल उसके आरंभ तक रहेगा। इसलिए शुभ मुहूर्त में किसी कार्य की शुरुआत करनी हो, तो समय का यह अंतर ध्यान में रखें।

दिशाशूल और राशिगत स्थिति

आज दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। पारंपरिक पंचांग में दिशाशूल को यात्रा से जुड़े विचारों में शामिल किया जाता है। यदि उत्तर दिशा की ओर यात्रा करनी हो, तो अपनी धार्मिक मान्यता के अनुसार परंपरागत उपायों पर विचार कर सकते हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

आज सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा। चंद्र निवास भी उत्तर दिशा बताया गया है। इन राशिगत स्थितियों को तिथि, नक्षत्र और योग के साथ मिलाकर दिन की पारंपरिक ज्योतिषीय गणना की जाती है।

दिन के दो महत्वपूर्ण समय-बदलाव

आज सुबह 11:39 AM पर अनुराधा नक्षत्र समाप्त होकर ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। इसके बाद दोपहर 3:55 PM पर द्वितीया तिथि समाप्त होकर तृतीया आरंभ होगी। यानी दिन के पहले हिस्से में नक्षत्र और दूसरे हिस्से में तिथि का बदलाव प्रमुख रहेगा। यदि आप किसी पूजा, व्रत या धार्मिक आयोजन की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल तारीख देखकर निर्णय लेने के बजाय इन दोनों समयों को भी ध्यान में रखें।

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Published by Sri Mandir·November 5, 2026

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