राम लक्ष्मण द्वादशी 2026 कब है?
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राम लक्ष्मण द्वादशी 2026 कब है? | Ram Lakshman Dwadashi 2026 Kab Hai

इस लेख में जानिए 2026 में राम लक्ष्मण द्वादशी की तिथि, इसका धार्मिक महत्व, पूजा विधि और इस दिन किए जाने वाले खास उपायों की संपूर्ण जानकारी।

राम लक्ष्मण द्वादशी के बारे में

राम लक्ष्मण द्वादशी विशेष रूप से भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीराम और उनके भाई लक्ष्मण की कृपा प्राप्त करने और जीवन में धर्म, मर्यादा तथा शक्ति प्राप्त करने का एक अत्यंत पवित्र अवसर माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा, व्रत और भक्ति करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सभी कष्टों का नाश होता है। राम लक्ष्मण द्वादशी भाई-भाई के प्रेम, त्याग और कर्तव्य का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन किया गया जप, तप और दान अत्यंत फलदायी होता है, जिससे जीवन में समृद्धि, सद्गुण और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

राम लक्ष्मण द्वादशी 2026 कब है?

हिंदू धर्म में द्वादशी तिथि का विशेष महत्व होता है, विशेष रूप से जब यह भगवान विष्णु से जुड़ी होती है। राम लक्ष्मण द्वादशी एक पवित्र व्रत है, जो भगवान श्रीराम और उनके भाई लक्ष्मण की भक्ति से संबंधित माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के अवतारों की आराधना का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है।

राम लक्ष्मण द्वादशी 2026 तिथि और समय

वर्ष 2026 में राम लक्ष्मण द्वादशी (अधिक शुक्ल द्वादशी) का व्रत इस प्रकार रखा जाएगा:

  • तिथि: 27 मई 2026, बुधवार
  • द्वादशी तिथि प्रारम्भ: 27 मई 2026 को 06:21 बजे
  • द्वादशी तिथि समाप्त: 28 मई 2026 को 07:56 बजे
  • पारण (व्रत खोलने का समय)
  • पारण तिथि: 28 मई 2026
  • पारण समय: सुबह 05:25 से 07:56 बजे तक इस दिन उन्मीलिनी महाद्वादशी योग भी बन रहा है, जो इस व्रत को और अधिक शुभ और फलदायी बनाता है।

राम लक्ष्मण द्वादशी का महत्व

राम लक्ष्मण द्वादशी का व्रत भगवान भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी की पूजा के लिए किया जाता है, जो धर्म, त्याग और भाईचारे के प्रतीक हैं। यह व्रत विशेष रूप से भगवान भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए भी रखा जाता है।

इस व्रत का धार्मिक महत्व:

  • परिवार में प्रेम और एकता बढ़ती है
  • जीवन में धर्म और सत्य का पालन करने की प्रेरणा मिलती है
  • पापों का नाश होता है
  • मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है

पौराणिक कथा

राम लक्ष्मण द्वादशी से जुड़ी मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ने अपने जीवन में आदर्श भाईचारे और धर्म का पालन किया। उन्होंने हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ निभाया और सत्य के मार्ग पर चले। यह व्रत उनके आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने और उनके गुणों को अपनाने का अवसर देता है। इस दिन भगवान विष्णु के रूप में श्रीराम की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

राम लक्ष्मण द्वादशी व्रत विधि

इस दिन व्रत और पूजा विधिपूर्वक करने से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

1. व्रत का संकल्प

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
  • व्रत रखने का संकल्प लें

2. पूजा विधि

  • घर के मंदिर में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की प्रतिमा स्थापित करें
  • दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें
  • फूल, तुलसी और फल अर्पित करें

3. मंत्र जाप

  • “श्रीराम जय राम जय जय राम” मंत्र का जाप करें
  • विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें

4. कथा और भजन

  • रामायण का पाठ करें
  • भजन-कीर्तन करें

5. आरती और प्रसाद

  • भगवान की आरती करें
  • प्रसाद वितरित करें

उन्मीलिनी महाद्वादशी योग का महत्व

वर्ष 2026 में इस दिन उन्मीलिनी महाद्वादशी योग बन रहा है, जो अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग माना जाता है। इस योग में किया गया व्रत और पूजा कई गुना अधिक फलदायी होता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

व्रत के नियम

  • पूरे दिन सात्विक आहार लें या व्रत रखें
  • झूठ, क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें
  • भगवान का ध्यान करें
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें

कैसे मनाई जाती है राम लक्ष्मण द्वादशी?

भारत के कई हिस्सों में इस दिन विशेष पूजा और आयोजन होते हैं:

  • मंदिरों में विशेष पूजा
  • रामायण पाठ
  • भजन-कीर्तन
  • धार्मिक प्रवचन भक्त इस दिन भगवान राम और लक्ष्मण की पूजा करके उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।

व्रत के लाभ

राम लक्ष्मण द्वादशी का व्रत करने से:

  • पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं
  • जीवन में सुख और शांति आती है
  • आध्यात्मिक उन्नति होती है
  • भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है

आध्यात्मिक संदेश

यह पर्व हमें सिखाता है:

  • भाईचारे और प्रेम का महत्व
  • धर्म और सत्य के मार्ग पर चलना
  • कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखना
  • भगवान पर विश्वास बनाए रखना

रोचक तथ्य

  • यह व्रत अधिक मास में आने के कारण और भी शुभ होता है
  • भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम की पूजा की जाती है
  • उन्मीलिनी महाद्वादशी योग का विशेष महत्व है
  • यह दिन आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है

निष्कर्ष

राम लक्ष्मण द्वादशी एक पवित्र और प्रेरणादायक पर्व है, जो हमें धर्म, त्याग और भाईचारे का संदेश देता है। यह दिन भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की भक्ति के माध्यम से जीवन को सही दिशा देने का अवसर प्रदान करता है। वर्ष 2026 में राम लक्ष्मण द्वादशी 27 मई, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यदि आप अपने जीवन में शांति, प्रेम और सफलता चाहते हैं, तो इस पावन दिन व्रत और पूजा अवश्य करें।

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Published by Sri Mandir·May 14, 2026

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