
श्री कृष्ण के प्रेम में खो जाएं, 'मोहन से दिल क्यों लगाया है' भजन पढ़ें!
"मोहन से दिल क्यों लगाया है" भजन भगवान श्री कृष्ण के प्रति गहरे प्रेम और भक्ति को व्यक्त करता है। यह भजन उनके आकर्षण, प्रेम और दिव्य लीलाओं का वर्णन करता है, जो भक्तों के दिल को छू जाते हैं। इसे गाने और सुनने से भक्तों के मन में भगवान श्री कृष्ण के प्रति अद्भुत प्रेम जागृत होता है। यह भजन हमें भक्ति, समर्पण और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है,
ये मैं जानू या वो जाने,
छलिया से दिल क्यूँ लगाया है,
ये मैं जानू या वो जाने ॥
हर बात निराली है उसकी,
हर बात में है इक टेढापन,
टेढ़े पर दिल क्यूँ आया है,
ये मैं जानू या वो जाने,
मोहन से दिल क्यूँ लगाया हैं,
ये मैं जानू या वो जाने ॥
जितना दिल ने तुझे याद किया,
उतना जग ने बदनाम किया,
बदनामी का फल क्या पाया है,
ये मैं जानू या वो जाने,
मोहन से दिल क्यूँ लगाया हैं,
ये मैं जानू या वो जाने ॥
तेरे प्यार ने दिल ये दीवाना किया,
मुझे इस जग से बैगाना किया,
मैंने क्या खोया क्या पाया है,
ये मैं जानू या वो जाने,
मोहन से दिल क्यूँ लगाया हैं,
ये मैं जानू या वो जाने ॥
मिलता भी है वो मिलता भी नहीं,
नजरो से मेरी हटता भी नहीं,
यह कैसा जादू चलाया है,
ये मैं जानू या वो जाने,
मोहन से दिल क्यूँ लगाया हैं,
ये मैं जानू या वो जाने ॥
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है,
ये मैं जानू या वो जाने,
छलिया से दिल क्यूँ लगाया है,
ये मैं जानू या वो जाने ॥
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