
प्रभु भक्ति में लीन होने के लिए "कीर्तन की है रात" भजन के सुंदर बोल पढ़ें और संकीर्तन का आनंद लें।
"कीर्तन की है रात" एक भक्तिमय भजन है, जो भगवान के कीर्तन और भजन-संकीर्तन की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन भक्तों को रातभर भक्ति में लीन रहने और भगवान का स्मरण करने की प्रेरणा देता है। इसे विशेष रूप से सत्संग, जागरण और कीर्तन सभाओं में गाया जाता है, जिससे भक्तों का मन भक्तिरस में डूब जाता है।
कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है ।
थारे कोल निभानु हे
दरबार सावरिया, ऐसो सजो प्यारो, दयालु आप को
सेवा में सावरिया, सगला खड़ा डिगे, हुकम बस आप को
सेवा में थारी म्हणे आज बिछ जणू हे, थारे कोल निभानु हे
कीर्तन की है रात...
कीर्तन की है तैयारी, कीर्तन करा जमकर, प्रभु क्यु देर करो
वादों थारो दाता, कीर्तन में आने को, घणी मत देर करो
भजनासु ठाणे म्हणे आज रिझाणु है, थारे कोल निभानु हे
कीर्तन की है रात...
जो कुछ बनो म्हासु, अर्पण परभू सारो, प्रभु स्वीकार करो
नादाँ सु गलती होती ही आई है, ब्रभु मत ध्यान धरो
नंदू सावरिया थानों दास पुरानो है, थारे कोल निभानु हे
कीर्तन की है रात.
Did you like this article?

प्रेम, माधुर्य और भक्ति से भरे श्री कृष्ण के भजन लिरिक्स पढ़ें। कृष्ण भजन लिरिक्स के मधुर बोल, कान्हा की लीलाएँ, राधा-कृष्ण प्रेम और कृष्ण आराधना के पावन शब्द यहाँ पाएं।

मर्यादा, भक्ति और श्रद्धा से भरे श्री राम के भजन लिरिक्स पढ़ें। श्री राम भजन लिरिक्स के भावपूर्ण बोल, प्रभु राम की महिमा, राम भक्ति गीत और राम आराधना के पावन शब्द यहाँ पाएं।

श्रद्धा, ज्ञान और वैराग्य से भरे गुरुदेव के भजन लिरिक्स पढ़ें। गुरुदेव भजन लिरिक्स के भावपूर्ण बोल, गुरु महिमा, आत्मिक जागरण और गुरु आराधना के पावन शब्द यहाँ पाएं।