7 फरवरी 2026 को क्या है?
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7 फरवरी 2026 को क्या है? | 7 February 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।

आज के दिन के बारे में

7 फरवरी 2026 को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि होने के कारण इस दिन कुछ विशेष पूजा और धार्मिक क्रियाएँ की जाती हैं। इस लेख में जानिए 7 फरवरी 2026 से जुड़ी सारी जरूरी जानकारियाँ।

7 फरवरी 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 7 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 7 फरवरी 2026, शनिवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस दिन यशोदा जयंती मनाई जाती है। यह दिन भक्ति, मातृत्व भाव और भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के स्मरण के लिए विशेष माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष षष्ठी – रात 2:55 AM तक

  • वार: शनिवार

  • नक्षत्र: चित्रा – रात 2:30 AM तक

  • योग: शूल – रात 11:40 PM तक

  • करण: गर – दोपहर 2:05 PM तक

  • मास (अमांत): माघ

  • मास (पूर्णिमांत): फाल्गुन

  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)

  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)

  • सूर्य राशि: मकर

  • चंद्र राशि: कन्या

  • ऋतु: शिशिर

  • अयन: उत्तरायण

  • दिशाशूल: पूर्व

  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्योहार व पर्व

1. यशोदा जयंती

यशोदा जयंती भगवान श्रीकृष्ण की माता माता यशोदा के सम्मान में मनाई जाती है। इस दिन माता यशोदा की पूजा करने से संतान सुख, पारिवारिक प्रेम और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:51 AM से 12:35 PM

  • राहुकाल: 9:26 AM से 10:49 AM

  • गुलिक काल: 6:39 AM से 8:02 AM

  • यमघंट काल: 1:37 PM से 3:00 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:39 AM

  • सूर्यास्त: 5:47 PM

  • चंद्रोदय: 10:59 PM

  • चंद्रास्त: 9:43 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए पूजा करें।

  • घर में बच्चों के कल्याण के लिए प्रार्थना करें।

  • शनिवार होने के कारण शनि देव को तिल, तेल या काले वस्त्र दान करें।

  • दिन भर सात्त्विक आचरण और संयम रखें।

निष्कर्ष

7 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और भावनात्मक रूप से विशेष है। यशोदा जयंती और कृष्ण पक्ष षष्ठी का संयोग इस दिन को मातृत्व, भक्ति और पारिवारिक सुख का प्रतीक बनाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया पूजन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति प्रदान करता है।

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Published by Sri Mandir·February 5, 2026

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