6 नवंबर 2026 को क्या है?
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6 नवंबर 2026 को क्या है? | 6 November 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

कई लोग किसी महत्वपूर्ण काम से पहले दिन का शुभ समय और धार्मिक महत्व जानना पसंद करते हैं। 6 नवंबर 2026 को कौन-सी खास बातें ध्यान देने योग्य हैं, पूजा-पाठ के लिए कौन-सा समय उपयुक्त माना जा सकता है और दिन का महत्व क्या है, आइए विस्तार से जानते हैं।

6 नवंबर 2026 को क्या है?

6 नवंबर 2026, शुक्रवार का दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के अंतर्गत आता है, जिसे कई लोग पूजा, संयम और मन की शांति से जोड़कर देखते हैं। इस दिन का पंचांग न केवल शुभ-अशुभ समय की जानकारी देता है, बल्कि नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति के माध्यम से दिन की विशेषता को समझने का अवसर भी देता है। आइए जानते हैं 6 नवंबर 2026 का पंचांग और इसका महत्व।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष द्वादशी – सुबह 10:32 AM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: हस्त – सुबह 4:44 AM तक
  • योग: विष्कुम्भ – सुबह 4:10 AM तक
  • करण: तैतिल – सुबह 10:32 AM तक
  • मास (अमांत): अश्विन
  • मास (पूर्णिमांत): कार्तिक
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्यौहार व व्रत

द्वादशी तिथि का महत्व

कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को कई लोग धार्मिक अनुशासन, भगवान विष्णु के स्मरण और सात्विक जीवनशैली से जोड़कर देखते हैं। एकादशी के बाद आने वाली द्वादशी पर व्रत पारण और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करने और शांत मन से पूजा-पाठ करने की परंपरा भी देखने को मिलती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:20 AM से 12:04 PM
  • राहुकाल: 10:19 AM से 11:42 AM
  • गुलिक काल: 7:33 AM से 8:56 AM
  • यमघण्ट काल: 2:29 PM से 3:52 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:09 AM
  • सूर्यास्त: 5:15 PM
  • चंद्रोदय: 3:16 AM
  • चंद्रास्त: 3:15 PM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और अपने इष्ट देव का स्मरण करें।
  • यदि एकादशी व्रत किया हो तो द्वादशी पर नियमपूर्वक पारण करें।
  • घर या मंदिर में दीप जलाकर शांत मन से पूजा करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है।
  • दिनभर सात्विकता और संयम का पालन करने का प्रयास करें।

निष्कर्ष

6 नवंबर 2026 का दिन पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि के कारण धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। शुभ समय, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूजा-पाठ या दिनचर्या की योजना बनाई जा सकती है। श्रद्धा और शांत मन से किया गया स्मरण व्यक्ति को मानसिक संतुलन और सकारात्मकता का अनुभव करा सकता है।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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