6 मार्च 2026 को क्या है?
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6 मार्च 2026 को क्या है? | 6 March 2026 Ko Kya Hai

जानिए मार्च माह के छठे दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व।

आज के दिन के बारे में

6 मार्च 2026 धार्मिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दिन है। फाल्गुन मास में पड़ने वाली यह तिथि पूजा-पाठ, जप-तप और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल मानी जाती है। इस दिन का आध्यात्मिक वातावरण मन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। जानिए 6 मार्च 2026 को क्या है और यह दिन आपके लिए क्यों खास है।

6 मार्च 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 6 मार्च 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 6 मार्च 2026, शुक्रवार को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। यह दिन साहस, भक्ति और विघ्नों के नाश की कामना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया – शाम 5:54 PM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: हस्त – सुबह 9:31 AM तक
  • योग: गंड – सुबह 7:06 AM तक
  • करण: विष्टि – शाम 5:57 PM तक
  • मास (अमांत): फाल्गुन
  • मास (पूर्णिमांत): चैत्र
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: कुम्भ
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: शिशिर
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्यौहार व व्रत

संकष्टी चतुर्थी

संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित व्रत है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट और बाधाएँ दूर होती हैं तथा मनोकामनाएँ पूर्ण होने की मान्यता है। रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण किया जाता है।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:47 AM से 12:33 PM राहुकाल: 10:42 AM से 12:10 PM गुलिक काल: 7:45 AM से 9:14 AM यमघण्ट काल: 3:07 PM से 4:35 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:17 AM
  • सूर्यास्त: 6:03 PM
  • चंद्रोदय: 8:47 PM
  • चंद्रास्त: 7:41 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • भगवान गणेश की विधिवत पूजा कर संकष्टी व्रत का संकल्प लें।

  • दिनभर संयम और सात्विक आहार का पालन करें।

  • रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करें।

  • शिवाजी महाराज के आदर्शों को स्मरण कर राष्ट्रभक्ति और साहस का संकल्प लें।

निष्कर्ष

6 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। संकष्टी चतुर्थी और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती इस दिन को विशेष बनाते हैं। श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ किया गया व्रत जीवन में साहस, सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

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Published by Sri Mandir·March 2, 2026

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