6 दिसंबर 2025 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

6 दिसंबर 2025 को क्या है?

जानिए इस दिन का विस्तृत पंचांग, शनि प्रदोष व्रत, द्वादशी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, योग, करिणा और इस दिन के धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

आज के दिन के बारे में

6 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ फलदायी माना जाता है। भक्तजन श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान तथा देवी-देवताओं की आराधना करते हैं और अपने जीवन में सौभाग्य, स्वास्थ्य तथा समृद्धि की कामना करते हैं। ऐसा विश्वास है कि इस दिन की गई साधना मन को शुद्ध करती है और मनोकामनाओं की पूर्ति में विशेष रूप से सहायक होती है।

6 दिसंबर 2025 को क्या है?: जानें इस दिन से जुड़ी रोचक बातें

क्या आप जानना चाहते हैं कि 6 दिसंबर 2025 को कौन-से शुभ योग, पंचांग विवरण और खास धार्मिक महत्व हैं? 6 दिसंबर 2025, शनिवार के दिन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। पौष मास और हेमंत ऋतु के इस दिन ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र और योग इसे आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष बनाते हैं। हालांकि इस दिन कोई बड़ा व्रत या पर्व नहीं है, लेकिन पंचांग के अनुसार यह दिन पूजा, दान, जप और दैनिक धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:29 AM से 12:11 PM
  • राहुकाल: 9:10 AM से 10:30 AM
  • गुलिक काल: 6:31 AM से 7:50 AM
  • यमघण्ट काल: 1:10 PM से 2:29 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:31 AM
  • सूर्यास्त: 5:09 PM
  • चंद्रोदय: 6:31 PM
  • चंद्रास्त: 7:58 AM

आज का पंचांग

  • तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया - 9:27 PM तक
  • नक्षत्र: मृगशिरा - 8:50 AM तक
  • योग: शुभ - 11:45 PM तक
  • करण: तैतिल - 11:10 AM तक
  • महीना (अमांत): मृगशिरा
  • महीना (पूर्णिमांत): पौष
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि: मिथुन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पश्चिम
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर देवपूजन करें।

  • भगवान शिव, विष्णु या इष्टदेव का ध्यान करें।

  • धूप, दीप, जल और नैवेद्य अर्पित करें।

  • चंद्रोदय (6:31 PM) के समय चंद्रमा को निहारना शुभ माना जाता है।

  • दान-पुण्य करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं।

निष्कर्ष

6 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक रूप से साधारण होने के बावजूद ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के कारण शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, जप, ध्यान और दान करने से सकारात्मक ऊर्जा, मन की शांति और शुभ फल प्राप्त होते हैं।

divider
Published by Sri Mandir·December 8, 2025

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
Card Image

25 अगस्त 2026 को क्या है?

25 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

24 अगस्त 2026 को क्या है?

24 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

20 अगस्त 2026 को क्या है?

20 अगस्त 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook