
जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।
22 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष दशमी तिथि रहेगी। यह दिन पंचांग के क्रम में एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। यहां जानिए 22 फरवरी 2026 को क्या है और इस दिन का महत्व।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 22 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 22 फरवरी 2026, रविवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस दिन स्कन्द षष्ठी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जो भगवान कार्तिकेय (स्कन्द/मुरुगन) को समर्पित होता है। यह दिन साहस, शक्ति और विजय की कामना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
1. स्कन्द षष्ठी
स्कन्द षष्ठी भगवान कार्तिकेय की उपासना का प्रमुख पर्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से शत्रुओं पर विजय, रोगों से मुक्ति और आत्मबल में वृद्धि होती है। विशेष रूप से यह पर्व दक्षिण भारत और तमिल समुदाय में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
भगवान स्कन्द (कार्तिकेय) की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
पुष्प, दीप, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
“ॐ स्कन्दाय नमः” मंत्र का जप करें।
व्रत रखकर संयम, ब्रह्मचर्य और सात्त्विक आचरण का पालन करें।
22 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। फाल्गुन मास की शुक्ल पंचमी और स्कन्द षष्ठी का संयोग भगवान कार्तिकेय की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर प्रदान करता है। श्रद्धा और विधिपूर्वक की गई पूजा जीवन में साहस, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
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जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

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