
जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।
16 फरवरी 2026 को पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। यह तिथि विशेष रूप से गणेश पूजन और संयम-साधना से जुड़ी मानी जाती है। इस लेख में जानिए 16 फरवरी 2026 को क्या है और इस दिन से जुड़े व्रत एवं त्योहार।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 16 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और धार्मिक तिथियाँ हैं और यह दिन आध्यात्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 16 फरवरी 2026, सोमवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह तिथि भगवान शिव को अत्यंत प्रिय मानी जाती है। महाशिवरात्रि के अगले दिन होने के कारण यह दिन शिव भक्ति, संयम और आत्मशुद्धि के लिए विशेष महत्व रखता है।
16 फरवरी 2026 को कोई प्रमुख राष्ट्रीय या धार्मिक पर्व नहीं है, लेकिन कृष्ण चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष मानी जाती है। इस दिन शिव मंदिरों में पूजा, जलाभिषेक और मंत्र जाप करने से मानसिक शांति और पापों से मुक्ति की मान्यता है।
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
भगवान शिव का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करें।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
मन में पवित्रता और संयम बनाए रखें।
जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है।
16 फरवरी 2026 का दिन कृष्ण चतुर्दशी और सोमवार के संयोग के कारण शिव आराधना के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा जीवन में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक बल प्रदान करती है।
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जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक महत्व, तिथि और ग्रह-नक्षत्र की पूरी जानकारी विस्तार से जानें।

जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ-अशुभ समय। इस दिन का धार्मिक महत्व, तिथि और विशेष योग की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

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