10 फरवरी 2026 को क्या है?
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10 फरवरी 2026 को क्या है? |10 February 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।

आज के दिन के बारे में

10 फरवरी 2026 माघ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। इस दिन कुछ विशेष धार्मिक अनुष्ठान और व्रत किए जाते हैं, जिन्हें शुभ माना जाता है। इस लेख में जानिए 10 फरवरी 2026 से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ और परंपराएँ।

10 फरवरी 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 10 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 10 फरवरी 2026, मंगलवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। यह दिन विशेष रूप से कालाष्टमी व्रत और भगवान काल भैरव की पूजा के लिए जाना जाता है। अष्टमी तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए शुभ मानी जाती है और इस दिन किया गया व्रत भय, रोग और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी – सुबह 7:28 AM तक
  • वार: मंगलवार
  • नक्षत्र: विशाखा – सुबह 7:56 AM तक
  • योग: ध्रुव – रात 1:43 AM तक
  • करण: कौलव – सुबह 7:27 AM तक
  • मास (अमांत): माघ
  • मास (पूर्णिमांत): फाल्गुन
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: मकर
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: शिशिर
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: उत्तर

त्योहार व व्रत

1. कालाष्टमी व्रत

कालाष्टमी भगवान शिव के उग्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित है। इस दिन व्रत, दीपदान और भैरव बाबा की पूजा करने से अकाल मृत्यु, भय और शत्रु बाधा से रक्षा होती है। यह व्रत विशेष रूप से तंत्र बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए फलदायी माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:51 AM से 12:35 PM
  • राहुकाल: 3:01 PM से 4:25 PM
  • गुलिक काल: 12:13 PM से 1:37 PM
  • यमघंट काल: 9:25 AM से 10:49 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:37 AM
  • सूर्यास्त: 5:49 PM
  • चंद्रोदय: 12:49 AM
  • चंद्रास्त: 11:30 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • भगवान शिव और काल भैरव का ध्यान करें।

  • काल भैरव को सरसों का तेल, काले तिल और दीप अर्पित करें।

  • अष्टमी व्रत रखें और सात्विक भोजन करें।

  • जरूरतमंदों को भोजन या काले वस्त्र का दान करें।

निष्कर्ष

10 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व रखता है। फाल्गुन कृष्ण अष्टमी और कालाष्टमी व्रत इस दिन को अत्यंत फलदायी बनाते हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से जीवन में सुरक्षा, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·February 10, 2026

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