1 मई 2026 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

1 मई 2026 को क्या है? | 1 May 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

1 मई 2026 सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि धार्मिक रूप से भी अहम दिन है। इस दिन पड़ने वाली तिथि और व्रत इसे खास बनाते हैं। जानते हैं इस दिन के व्रत और त्योहार।

1 मई 2026 को क्या है?

1 मई 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों खास है? 1 मई 2026, शुक्रवार के दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है (रात 10:54 PM तक)। इस दिन वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयंती, पूर्णिमा उपवास और चित्रा पूर्णनामी जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष पूर्णिमा – रात 10:54 PM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: स्वाति – प्रातः 4:36 AM तक
  • योग: सिद्धि – रात 9:13 PM तक
  • करण: विष्टि – सुबह 10:01 AM तक
  • मास (अमांत): वैशाख
  • मास (पूर्णिमांत): वैशाख
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मेष
  • चंद्र राशि: तुला
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार व व्रत

वैशाख पूर्णिमा

वैशाख मास की पूर्णिमा को बेहद पवित्र माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

कूर्म जयंती

यह दिन भगवान विष्णु के कूर्म (कछुआ) अवतार से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान के कूर्म रूप की पूजा करने से जीवन में स्थिरता और सुरक्षा आती है।

पूर्णिमा उपवास

पूर्णिमा के दिन व्रत रखना मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए लाभकारी माना जाता है। इस दिन चंद्र देव और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।

चित्रा पूर्णनामी

दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला यह पर्व चित्रगुप्त जी की पूजा और पाप-पुण्य के लेखा-जोखा से जुड़ा हुआ है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:30 AM से 12:22 PM
  • राहुकाल: 10:18 AM से 11:56 AM
  • गुलिक काल: 7:01 AM से 8:40 AM
  • यमघण्ट काल: 3:13 PM से 4:51 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:23 AM
  • सूर्यास्त: 6:29 PM
  • चंद्रोदय: 6:19 PM
  • चंद्रास्त: 4:45 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • भगवान विष्णु और चंद्र देव का ध्यान करें।
  • पूर्णिमा व्रत रखें और फलाहार करें।
  • मंदिर जाकर दीपक जलाएं और पूजा करें।
  • गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।

1 मई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी है। इस दिन वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयंती और पूर्णिमा उपवास जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ पड़ रहे हैं। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ और दान करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

divider
Published by Sri Mandir·May 4, 2026

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
Card Image

30 अक्टूबर 2026 को क्या है?

30 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

29 अक्टूबर 2026 को क्या है?

29 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

28 अक्टूबर 2026 को क्या है?

28 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook