
जानिए नववर्ष के पहले दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व।
1 जनवरी 2026 नए वर्ष की शुरुआत का विशेष दिन है, जिसे धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से भी शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, संकल्प और शुभ कार्य करने से पूरे वर्ष सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। मान्यता है कि साल के पहले दिन ईश्वर का स्मरण करने से जीवन में सुख, शांति और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 1 जनवरी 2026 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों विशेष है? 1 जनवरी 2026, बुधवार को शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस तिथि पर पौष मास के विशेष पर्व, शुभ योग और नक्षत्र की स्थिति इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं। यह दिन नए साल की शुरुआत के साथ ही अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति लाने का अवसर प्रदान करता है।
तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – रात 10:23 PM तक
नक्षत्र: रोहिणी – रात 10:49 PM तक
योग: शुभ – शाम 5:13 PM तक
करण: कौलव – दोपहर 12:05 PM तक
वार: बुधवार
मास (अमांत): पौष
मास (पूर्णिमांत): पौष
विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि: वृष
ऋतु: हेमंत
आयन: दक्षिणायन
दिशाशूल: दक्षिण
चंद्र निवास: दक्षिण
शुभ मुहूर्त: 11:41 AM से 12:23 PM
राहुकाल: 1:22 PM से 2:41 PM
गुलिक काल: 9:23 AM से 10:43 AM
यमघण्ट काल: 6:44 AM से 8:04 AM
सूर्योदय: 6:44 AM
सूर्यास्त: 5:20 PM
चंद्र उदय: 3:01 PM
चंद्रास्त: 4:22 AM
नववर्ष प्रारंभ (नववर्ष दिवस)
1 जनवरी को नए साल का आरंभ होता है। इसे मनाने का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। इस दिन नए संकल्प लेना, पूजा करना और पवित्र कार्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
पौष मास की त्रयोदशी
यह तिथि विशेष रूप से दान, पूजा और अपने पितरों के लिए धार्मिक कर्मों में फलदायी मानी जाती है।
विशेष योग और नक्षत्र
शुभ योग और रोहिणी नक्षत्र के कारण यह दिन ध्यान, पूजा और व्रत के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर या मंदिर में भगवान सूर्य और देवी-देवताओं की पूजा करें।
दिन के शुभ समय में दान और प्रसाद वितरण करें।
नए साल के संकल्प लें और आध्यात्मिक ध्यान करें।
त्रयोदशी तिथि के अनुसार पितृ तर्पण या छोटे व्रत का आयोजन करें।
1 जनवरी 2026 का दिन न केवल नए साल की शुरुआत के कारण, बल्कि अपने धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए भी विशेष है। इस दिन पूजा, व्रत, दान और नए संकल्प करने से जीवन में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति आती है।
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