
जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।
28 फरवरी 2026 का दिन भी धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह तिथि फाल्गुन मास के अंतर्गत आती है, जो भक्ति, संयम और पुण्य कर्मों के लिए अनुकूल मानी जाती है। इस दिन किए गए जप, दान और धार्मिक संकल्प जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 28 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 28 फरवरी 2026, शनिवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इस दिन नरसिंह द्वादशी का पावन पर्व मनाया जाता है, जो भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार को समर्पित है। यह तिथि भय, बाधा और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है।
1. नरसिंह द्वादशी
नरसिंह द्वादशी भगवान विष्णु के उग्र नरसिंह रूप की पूजा का विशेष दिन है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजन करने से भय, रोग और शत्रु बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यह व्रत विशेष रूप से संकट निवारण और आत्मबल बढ़ाने के लिए किया जाता है।
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
भगवान नरसिंह की मूर्ति या चित्र के सामने दीप प्रज्वलित करें।
पीले फूल, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
“ॐ नमो भगवते नरसिंहाय” मंत्र का जाप करें।
द्वादशी व्रत रखते हुए सात्विक आहार ग्रहण करें।
28 फरवरी 2026 का दिन नरसिंह द्वादशी के कारण अत्यंत शक्तिशाली और पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से भय का नाश, आत्मबल की वृद्धि और जीवन में सुरक्षा का भाव प्राप्त होता है। भगवान नरसिंह की कृपा से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव समाप्त होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

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