🌑 मानसिक शांति और बेहतर निर्णय लेने का आशीर्वाद पाने के लिए साल 2026 के नक्षत्र-सोमवार संयोग में में राहु-केतु पूजा और रुद्राभिषेक का शुभ अवसर 🌑
🌑 मानसिक शांति और बेहतर निर्णय लेने का आशीर्वाद पाने के लिए साल 2026 के नक्षत्र-सोमवार संयोग में में राहु-केतु पूजा और रुद्राभिषेक का शुभ अवसर 🌑
🌑 मानसिक शांति और बेहतर निर्णय लेने का आशीर्वाद पाने के लिए साल 2026 के नक्षत्र-सोमवार संयोग में में राहु-केतु पूजा और रुद्राभिषेक का शुभ अवसर 🌑
🌑 मानसिक शांति और बेहतर निर्णय लेने का आशीर्वाद पाने के लिए साल 2026 के नक्षत्र-सोमवार संयोग में में राहु-केतु पूजा और रुद्राभिषेक का शुभ अवसर 🌑
🌑 मानसिक शांति और बेहतर निर्णय लेने का आशीर्वाद पाने के लिए साल 2026 के नक्षत्र-सोमवार संयोग में में राहु-केतु पूजा और रुद्राभिषेक का शुभ अवसर 🌑
2026 पहला राहु नक्षत्र सोमवार को विशेष

राहु-केतु पीड़ा शांति पूजा और शिव रुद्राभिषेक

मानसिक स्पष्टता और बेहतर निर्णय लेने की क्षमता के लिए आशीर्वाद
temple venue
राहु पैठाणी मंदिर, पौड़ी, उत्तराखंड
pooja date
12 January, Monday, माघ कृष्ण नवमी
పూజ బుకింగ్ ముగుస్తుంది
Day
Hour
Min
Sec
slideslideslide
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
ఇప్పటి వరకు3,00,000+భక్తులుశ్రీ మందిర్ సేవా నిర్వహించిన పూజలలో పాల్గొన్నాను.
పూజా వీడియో పొందండి icon
పూజా వీడియో పొందండి
పూర్తి పూజా వీడియో 2 రోజుల్లో పంపబడుతుంది.
సరైన ఆచారాలను అనుసరించడమైనది icon
సరైన ఆచారాలను అనుసరించడమైనది
ఆలయంలోని ఉత్తమ పూజారి గారు మీ పూజని చేస్తారు.
జపించడానికి మంత్రం icon
జపించడానికి మంత్రం
ఆశీర్వాదం పొందుటకు విశేష మంత్రాలు క్రింద తెలుపబడ్డాయి
ఆశీర్వాదం బాక్స్ icon
ఆశీర్వాదం బాక్స్
ఆశీర్వాదం బాక్స్ మీ ఇంటి వద్దకే చేర్చబడింది.

🌑 मानसिक शांति और बेहतर निर्णय लेने का आशीर्वाद पाने के लिए साल 2026 के नक्षत्र-सोमवार संयोग में में राहु-केतु पूजा और रुद्राभिषेक का शुभ अवसर 🌑

🛕 हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, राहु और केतु स्वर्भानु नाम के राक्षस के शरीर से पैदा हुए दो प्राणी हैं। स्वर्भानु के सिर को राहु और धड़ को केतु के नाम से जाना गया है। शास्त्रों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु-केतु की दशा चल रही हो तो इससे प्रयासों में असफलता, पारिवारिक कलह, बुरी आदतों की लत, आर्थिक तंगी और निर्णय लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। साल 2026 के पहले नक्षत्र (स्वाति) और सोमवार का संयोग, इन ग्रहों की साधना के लिए बेहद शुभ माना गया है। उत्तराखंड के पैठाणी स्थित राहु के सबसे बड़े मंदिर में दोष शांति पूजा और रुद्राभिषेक होने जा रहा है। स्वाति नक्षत्र साल 2026 का पहला ज्योतिषीय संयोग है, जिसमें किया गया यह अनुष्ठान मानसिक शांति, बेहतर निर्णय क्षमता का दिव्य आशीर्वाद ला सकता है।

🛕 पुराणों में भगवान शिव को राहु और केतु का देवता माना जाता है और मान्यता है कि उनकी पूजा करने से इन ग्रहों के अशुभ प्रभावों में कमी आती है। जब यह आराधना सोमवार के दिन स्वाति नक्षत्र में संपन्न होती है तो इसके फल कई गुना प्रभावी माने गए हैं। राहु-केतु पीड़ा शांति पूजा के साथ शिव रुद्राभिषेक करना बहुत लाभकारी माना जाता है, क्योंकि महादेव की आराधना के माध्यमों में रुद्राभिषेक को बेहद अहम और फलदायी माना गया है। रुद्राभिषेक में जल, दूध, दही, शहद, गंगाजल और घी जैसे द्रव्यों से शिव जी का अभिषेक किया जाता है और उनसे सभी दुखों, संकटों और बाधाओं को हरने की कामना की जाती है।

🛕 शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा करने से ग्रह दोषों से राहत की दिशा मिल सकती है। इसलिए, उत्तराखंड के राहु पैठाणी मंदिर में राहु-केतु पीड़ा शांति पूजा और शिव रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। यह मंदिर देश के उन चुनिंदा राहु मंदिरों में है, जहां भगवान शिव के साथ राहु की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में पूजा करने से भक्तों को राहु देव के साथ भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इसलिए, स्वाति नक्षत्र-सोमवार के शुभ संयोग में यहां राहु-केतु पीड़ा शांति पूजा और शिव रुद्राभिषेक का दुर्लभ अवसर है, जिसे हाथ से न जाने दें!

भगवान शिव का आशीर्वाद पाने और अपनी कुंडली में राहु और केतु के बुरे प्रभावों को कम करने और स्पष्टता पाने के लिए श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में भाग लें

राहु पैठाणी मंदिर,पौड़ी, उत्तराखंड

राहु पैठाणी मंदिर,पौड़ी, उत्तराखंड
उत्तराखंड में स्थित इस राहु मंदिर में भगवान शिव के साथ-साथ राहु की भी पूजा की जाती है। यह देश के उन मंदिरों में से है, जहां राहु की पूजा भगवान श‍िव के साथ होती है। माना जाता है कि राहु और केतु स्वरभानु नामक असुर के शरीर के भाग हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब स्वरभानु ने देवताओं की पंगत में बैठकर छल से अमृत पी लिया तभी भगवान विष्णु को उसके छल का पता चल गया और उन्होनें अपने सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था, जिससे कि वह अमर न हो जाए, लेक‍िन अमृत पीने के कारण स्वरभानु तो अमर हो गया था। स्वरभानु का न‍ि‍चला ह‍िस्‍सा केतु बना तो धड़ से ऊपर स‍िर वाला भाग राहु कहलाया। यही स‍िर वाला हिस्सा सुदर्शन से कटने के बाद पौड़ी में स्‍थ‍ित इसी स्थान पर गिरा जो राहु मंदि‍र के नाम से जाना गया।

मान्यता है कि राहु के कारण उत्पन्न होने वाले विभिन्न दोषों को दूर करने के लिए लोग राहु के मंदिर में जाते हैं। वहीं यहां विशेष रूप से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष, और राहु महादशा से राहत पाने के लिए पूजा-अर्चना की जाती है। कई जगहों पर वर्णित है कि इस मंदिर का निर्माण आदि शंकराचार्य जी ने करवाया था। लेकिन इस मंदिर को लेकर एक और कथा है जिसमें बताया गया है कि इसका निर्माण पांडवों ने उस समय करवाया जब वो स्वर्गारोहिणी यात्रा पर थे, तब राहु दोष से बचने के लिए पांडवों ने इसी मंदिर में भगवान शिव और राहु की पूजा की थी।

అన్ని పూజా ప్యాకేజీలలో ఇవి ఉంటాయి

tick

అనుభవజ్ఞులైన పూజారుల ద్వారా మీ పేరు మరియు గోత్రోచ్చారణ.

tick

మీరు ఇంటి నుండే పూజలో పాల్గొనేందుకు వీలుగా మంత్రాలు మరియు నియమాలు

tick

పూజ & నైవేద్య సమర్పణల పూర్తి వీడియో మీ వాట్సాప్ నంబర్‌కు పంపబడుతుంది

tick

తీర్థ ప్రసాదం కలిగిన ఆశీర్వాద్ బాక్స్ ఉచితంగా మీ ఇంటికి డెలివరీ చేయబడతుంది.

opt-in-message-card-image

మరింత పుణ్యఫలం కోసం మీ పేరు మీద వస్త్ర దానం, అన్నదానం వంటి ప్రత్యేక సేవలను జోడించండి

Select your puja package

person

1 Person

व्यक्तिगत पूजा

₹851

puja img

4 Person

check icon

पारिवारिक पूजा

₹2001

puja img

6 Person

check icon

संयुक्त परिवार पूजा

₹3001

puja img
icon

100% Money Back Guarantee

icon

No Hidden Cost

icon

ISO 27001 Certified Company

icon

Official Temple Partner

icon

Customer Support

సమీక్షలు & రేటింగ్స్

శ్రీ మందిరం గురించి మన ప్రియమైన భక్తులు ఏమనుకుంటున్నారో చదవండి.
User Image

Achutam Nair

Bangalore
User review
User Image

Ramesh Chandra Bhatt

Nagpur
User review
User Image

Aperna Mal

Puri
User review
User Image

Shivraj Dobhi

Agra
User review
User Image

Mukul Raj

Lucknow

తరచుగా అడిగే ప్రశ్నలు