पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप
पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप
पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप
पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप
पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप
पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप
पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप
पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप
श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त

नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप

पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए
temple venue
श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर एवं नर्मदा घाट, खंडवा, मध्य प्रदेश
pooja date
29 September, Sunday, श्राद्ध द्वादशी
Warning InfoBookings has been closed for this Puja
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
இப்போது வரை3,00,000+பக்தர்கள்ஶ்ரீ மந்திர் பூஜா சேவை நடத்தும் பூஜைகளில் கலந்துகொண்டவர்கள்
பூஜை வீடியோவைப் பெறுக. icon
பூஜை வீடியோவைப் பெறுக.
முழுமையான பூஜை வீடியோ 2 நாட்களுக்குள் பகிரப்படும்.
முறையான சடங்குகள் பின்பற்றப்பட்டன. icon
முறையான சடங்குகள் பின்பற்றப்பட்டன.
கோவிலில் இருந்து ஒரு சிறந்த பண்டிதர் உங்கள் பூஜையைச் செய்வார்.
உச்சரிப்பதற்கான மந்திரம் icon
உச்சரிப்பதற்கான மந்திரம்
ஆசீர்வாதம் பெற கீழே சிறப்பு மந்திரங்கள் பகிரப்பட்டுள்ளன.
ஆசீர்வாதப் பெட்டி icon
ஆசீர்வாதப் பெட்டி
உங்கள் வீட்டு வாசலிலேயே ஆசீர்வாதப் பெட்டியைப் பெறுங்கள்.

पूर्वजों की आत्मा की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए श्राद्ध द्वादशी ओंकारेश्वर एवं नर्मदा घाट संयुक्त नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप

सनातन धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। यह समय पूर्वजों की आत्माओं की शांति के लिए किए जाने वाले सभी अनुष्ठानों के लिए सबसे शुभ माना गया है। पितृ पक्ष के दौरान पड़ने वाली सभी तिथियों का अपना अलग महत्व है, जिसमें से एक है द्वादशी तिथि। इसे श्राद्ध द्वादशी भी कहते हैं। इस तिथि पर उन पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं, जिनकी मृत्यु हिंदु कैलेंडर के अनुसार, किसी भी मास की द्वादशी तिथि को हुई हो। पितृ पक्ष का समय पितृ दोष के निवारण के लिए भी शुभ माना जाता है। हिंदु धर्म ग्रंथों के अनुसार 'पितृ दोष' पूर्वजों की अधूरी इच्छाओं और नकारात्मक कर्मों के कारण होता है और पितृदोष के कारण जीवन में आर्थिक हानि, गृह क्लेश आदि जैसी कई तरह की समस्याओं का सिलसिला लगा ही रहता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, जिन लोगों का अंतिम संस्कार नहीं हो पाता, उनकी शांति के लिए नारायण बलि, नाग बलि एवं पितृ शांति महापूजा का विधान बताया गया है और इस अनुष्ठान को पितृ पक्ष में करने से इसका लाभ कई गुना बढ़ सकता है। नारायण बलि पूजा पितृदोष निवारण के लिए की जाती है, वहीं नागबलि पूजा का मुख्य उद्देश्य सर्प या नाग की हत्या के दोष का निवारण करना है। शास्त्रों के अनुसार, यह दोनों पूजाएं एक साथ करने से ही सफल होती है।

गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु आगे बताते हैं कि इस विशेष पूजा को पवित्र नदियों के तट पर अनुभवी पंडितों द्वारा किया जाना चाहिए। वहीं शिव अघोर मंत्र भगवान शिव को समर्पित एक शक्तिशाली मंत्र है, जो आत्माओं को जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त करने की शक्ति रखते हैं। यह मंत्र विशेष रूप से भगवान शिव के अघोर रूप को समर्पित है। यही कारण है कि नारायण बलि, नाग बलि और 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप करने से न केवल पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जाओं से सरक्षा का भी आशीष प्राप्त होता है। इसीलिए 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि के शुभ अवसर पर 11,000 शिव अघोर मंत्र जाप और नर्मदा नदी के तट पर नारायण बलि, नाग बलि पूजा का आयोजन किया जा रहा है। श्री मंदिर के माध्यम से इस अनुष्ठान में भाग लें और भगवान शिव द्वारा पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त करें। इसके अलावा, पितृपक्ष में पूर्वजों के लिए दान पुण्य करने का भी विधान है। मान्यता है कि इस समय दान करने से दोगुने फल की प्राप्ति होती है, जिनमें पितृ पक्ष विशेष पंच भोग, दीप दान भी शामिल है। इसलिए इस पूजा के साथ अतिरिक्त विकल्प के रूप में दिए गए जैसे पंच भोग, दीप दान एवं गंगा आरती का चुनाव करना आपके लिए फलदायी हो सकता है। इसलिए इस पूजा में इन विकल्पों को चुनकर अपनी पूजा को और भी अधिक प्रभावशाली बनाएं।

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर एवं नर्मदा घाट, खंडवा, मध्य प्रदेश

श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर एवं नर्मदा घाट, खंडवा, मध्य प्रदेश
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से चौथा ज्योतिर्लिंग है श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, इन्हें स्वयंभू लिंग माना जाता है। यह मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के बीच मन्धाता या शिवपुरी नाम के द्वीप पर स्थित है। यहां ज्योतिर्लिंग दो स्वरूप में मौजूद है। जिनमें से एक को ममलेश्वर के नाम से और दूसरे को ओंकारेश्वर नाम से जाना जाता है। ममलेश्वर नर्मदा के दक्षिण तट पर ओंकारेश्वर से थोड़ी दूर स्थित है। अलग होते हुए भी इनकी गणना एक ही की जाती है। ओमकार का उच्चारण सर्वप्रथम स्रष्टिकर्ता ब्रह्मा के मुख से हुआ था। वेद पाठ का प्रारंभ भी ॐ के बिना नहीं होता है। मान्यता है कि मां नर्मदा भी यहां स्वयं ॐ के आकार में बहती हैं। शास्त्रों के अनुसार ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है। पुराणों में स्कन्द पुराण, शिवपुराण व वायुपुराण में ओम्कारेश्वर क्षेत्र की महिमा का उल्लेख है।

पौराणिक कथा के अनुसार, भोलेनाथ तीनों लोकों के भ्रमण के बाद यहां रात्रि में शयन के लिए आते हैं। कहते हैं पृथ्वी पर ये एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां शिव-पार्वती रोज चौसर पांसे खेलते हैं। रात्रि में शयन आरती के बाद यहां प्रतिदिन चौपड़ बिछाए जाते हैं और गर्भग्रह बंद कर दिया जाता है। आश्चर्य की बात है कि जिस मंदिर के भीतर रात के समय परिंदा भी पर नहीं मार पाता है वहां हर दिन चौपड़ बिखरे पाए जाते हैं। यह तथ्य इस मंदिर के धार्मिक महत्व को और बढा देता है यही कारण है कि सभी तीर्थों के दर्शन पश्चात ओंकारेश्वर के दर्शन व पूजन विशेष महत्व है। तीर्थ यात्री सभी तीर्थों का जल लाकर ओमकारेश्वर में अर्पित करते हैं, तभी सारे तीर्थ पूर्ण माने जाते हैं अन्यथा वे अधूरे ही माने जाते हैं।

All Puja Packages includes

tick

அனுபவமிக்க பூஜாரிகளால் உங்கள் பெயர் மற்றும் கோத்திரம் சரியான உச்சரிப்புடன் கூறப்படும்.

tick

வீட்டிலிருந்தே பூஜையில் கலந்து கொள்ள உதவும் மந்திரங்கள் மற்றும் விதிமுறைகள் வழங்கப்படும்.

tick

பூஜை மற்றும் நைவேத்ய சமர்ப்பணங்களின் முழு வீடியோ உங்கள் வாட்ஸ்அப் எண்ணிற்கு அனுப்பப்படும்.

tick

தீர்த்தப் பிரசாதத்துடன் கூடிய ஆசீர்வாத பெட்டி உங்களது வீட்டிற்கு இலவசமாக டெலிவரி செய்யப்படும்.

opt-in-message-card-image

Opt for additional offerings like Vastra Daan,Anna Daan,Deep Daan or Gua Seva in your name

Select your puja package

person

1 Person

व्यक्तिगत पूजा

₹901

puja img

2 Person

check icon

पार्टनर पूजा

₹1251

puja img

4 Person

check icon

पारिवारिक पूजा

₹2001

puja img

6 Person

check icon

संयुक्त परिवार पूजा

₹3001

puja img
icon

100% Money Back Guarantee

icon

No Hidden Cost

icon

ISO 27001 Certified Company

icon

Official Temple Partner

icon

Customer Support

மதிப்புரைகள் மற்றும் மதிப்பீடுகள்

நம் அன்பு பக்தர்கள் ஸ்ரீ மந்திரைப் பற்றித் தந்திருக்கும் கருத்துகளைப் படித்துப் பாருங்கள்
User Image

Achutam Nair

Bangalore
User review
User Image

Ramesh Chandra Bhatt

Nagpur
User review
User Image

Aperna Mal

Puri
User review
User Image

Shivraj Dobhi

Agra
User review
User Image

Mukul Raj

Lucknow

அடிக்கடி கேட்கப்படும் கேள்விகள்