हरिद्वार एक तीर्थनगरी है जहाँ देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। इनमें बहुत से ऐसे हैं जिनके पास संसाधन बहुत सीमित हैं - वृद्धजन, तीर्थयात्री, असहाय परिवार, बच्चे इत्यादि! ऐसे में इन ज़रूरतमंदों को दें और मानवता की रक्षा करें! सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी अपेक्षा के, सही समय पर, सही व्यक्ति को, सम्मान के साथ दी जाए।
हरिद्वार के घाटों पर हर रोज़ ऐसे लोग होते हैं जिनकी बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं होतीं। कोई भूखा है, किसी के पास ठीक से वस्त्र नहीं, किसी को दवा चाहिए, किसी के घर में अनाज नहीं - इनकी सेवा कर मनुष्य होने का कर्तव्य निभायें
भगवद्गीता में श्री कृष्ण ने कहा है कि सेवा तीन प्रकार की होती है - सात्विक, राजसिक और तामसिक। सात्विक सेवा वो जो बिना किसी अपेक्षा के, सही समय पर, सही व्यक्ति को, सम्मान के साथ दिया जाए। जब सेवा इस भाव से होती है: देने वाले का मन शुद्ध होता है, लेने वाले को सम्मान मिलता है, दाता को वो पुण्य मिलता है जो सच में टिकता है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बनता है।
हरिद्वार को ही क्यों चुनें?
विष्णु पुराण का उद्घोष है: "हरिद्वार में किया गया एक पुण्य कर्म सहस्र अश्वमेध यज्ञों के समान फल देता है।" स्कंद पुराण कहता है: "जब देवता भी अपनी आत्मा को शुद्ध करना चाहते हैं, तो वे हरिद्वार में अवतरण करते हैं।" महाभारत के वन-पर्व में भीष्म पितामह ने गंगाद्वार (हरिद्वार) को पृथ्वी का सर्वपावन स्थल कहा है।
हरिद्वार के पावन घाटों पर हर दिन हजारों निर्धन तीर्थयात्री, वृद्धजन, अनाथ बच्चे और जरूरतमंद परिवार रहते हैं - जिन्हें एक वक्त का भोजन भी नसीब नहीं होता। ये वे प्राणी हैं जो श्री हरि के द्वार पर ही अपना जीवन बिताते हैं। इनकी सेवा = हरि की सेवा। और 'हरि के द्वार' पर यह सेवा = अनंत गुना पुण्य।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे हरिद्वार में जरूरतमंदों की महासेवा:
हरिद्वार पहुँचकर स्वयं इस महासेवा का आयोजन करना हर व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम और गोत्र से हरिद्वार के पावन गंगा तट पर जरूरतमंदों की यह महासेवा करवा सकते हैं। प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से संकल्प लेकर, प्रत्येक जरूरतमंद प्राणी का सम्मान करते हुए, सेवा सम्पन्न कराएंगे। सेवा का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपके फोन पर प्राप्त होगा।
🙏 एक भूखे के पेट को भरें, हरि के अपने द्वार पर। एक जरूरतमंद को वस्त्र दें - ब्रह्म के निवास में और देखें कैसे आपके जीवन की बाधाएँ, दोष, कर्म ऋण - सब एक-एक कर विदा होने लगते हैं।
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक का नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।