सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता की आराधना के लिए शुभ माना जाता है। जैसे बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है और गुरुवार भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना जाता है, उसी प्रकार शुक्रवार का दिन माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। इस दिन भक्त देवी लक्ष्मी की पूजा कर जीवन में धन, कर्ज से राहत और सुख-शांति की कामना करते हैं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब समुद्र मंथन हुआ, तब अनेक दिव्य रत्न और शक्तियां प्रकट हुईं। इन्हीं में से एक थीं माँ लक्ष्मी, जो कमल के फूल पर विराजमान होकर प्रकट हुईं थी।
उनके प्रकट होते ही चारों दिशाओं में सौंदर्य, सौभाग्य और समृद्धि का संचार हुआ। तभी से माँ लक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य और जीवन में संतुलन प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजा जाने लगा। मान्यता है कि जब व्यक्ति सच्चे मन से माँ लक्ष्मी की आराधना करता है, तो उसके जीवन में आर्थिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। इसलिए शुक्रवार के दिन की गई लक्ष्मी पूजा केवल धन की प्राप्ति के लिए ही नहीं, बल्कि परिवार में सुख-शांति, जीवन में स्थिरता और मानसिक संतुलन के लिए भी अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।
इसी पवित्र भावना के साथ इस शुक्रवार चैत्र शुक्ल नवमी के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी अंबाबाई शक्तिपीठ में धन और समृद्धि विशेष पूजा और यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अनुष्ठान के माध्यम से देवी लक्ष्मी से प्रार्थना की जाएगी कि वे भक्तों के जीवन से आर्थिक परेशानियों को दूर करें, कर्ज के बोझ से बाहर निकलने का मार्ग दिखाएँ और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें।
यदि आप भी जीवन में धन, समृद्धि और आर्थिक संतुलन की कामना रखते हैं, तो श्री मंदिर के माध्यम से इस पवित्र पूजा में सहभागी बनकर माँ लक्ष्मी के दिव्य आशीर्वाद को अपने जीवन में आमंत्रित कर सकते हैं।🙏