🪔 हिंदू परंपरा में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता की उपासना से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि शुक्रवार का दिन विशेष रूप से माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ होता है। पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय अनेक दिव्य रत्न प्रकट हुए थे, जिनमें माँ लक्ष्मी भी कमल पर विराजमान होकर प्रकट हुईं। उनके प्रकट होते ही चारों दिशाओं में सौंदर्य, सुख और दिव्यता का प्रसार हुआ। तभी से माँ लक्ष्मी को धन, समृद्धि और संतुलन की देवी के रूप में पूजा जाता है।
🪔 यह विश्वास है कि शुक्रवार को की गई माँ लक्ष्मी की पूजा केवल धन प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि जीवन में स्थिरता, पारिवारिक सुख और कर्ज से राहत के लिए भी की जाती है। श्रद्धा, विश्वास और शुद्ध भाव से की गई आराधना को जीवन में सौभाग्य लाने वाला माना जाता है। इसी भावना से श्री मंदिर द्वारा कोल्हापुर के प्रसिद्ध महालक्ष्मी अंबाबाई शक्तिपीठ में शुक्रवार के दिन यह विशेष पूजा और यज्ञ आयोजित किया जा रहा है।
🪔 महालक्ष्मी अंबाबाई शक्तिपीठ 51 प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ माँ लक्ष्मी अंबाबाई के रूप में पूजी जाती हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में की गई प्रार्थना अत्यंत फलदायी होती है और भक्तों को धन, समृद्धि और मानसिक शांति की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। भगवान विष्णु की अर्धांगिनी माँ लक्ष्मी की भक्ति को उनकी कृपा प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम माना जाता है। देवी के नाम का जप और इस विशेष यज्ञ में सहभागिता आर्थिक स्थिरता, कर्ज से राहत और समग्र कल्याण के लिए शुभ मानी जाती है।
आप भी श्री मंदिर के माध्यम से इस पवित्र पूजा में शामिल होकर माँ लक्ष्मी के आशीर्वाद से आर्थिक और मानसिक चुनौतियों से राहत की प्रार्थना कर सकते हैं।