🔱सनातन परंपरा में अमावस्या को आत्मचिंतन और आंतरिक संतुलन का समय माना जाता है। विशेष रूप से साल की पहली अमावस्या, जिसे मौनी अमावस्या कहा जाता है, पूरे वर्ष की मानसिक दिशा को स्थिर करने से जोड़ी जाती है। यह तिथि संयम, मौन और साधना के भाव से जुड़ी मानी जाती है, जब व्यक्ति अपने भीतर की उलझनों, इच्छाओं और संघर्षों को समझने का प्रयास करता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन की गई उपासना वर्ष के आरंभ में एक सशक्त आध्यात्मिक आधार बनाती है।
🔱इसी पावन अवसर पर अमावस्या त्रिशक्ति विशेष पूजा, अर्थात माँ काली, श्री लक्ष्मी और देवी सरस्वती को समर्पित “सर्व-सिद्धि” महापूजन का आयोजन किया जा रहा है। यह अनुष्ठान जीवन की चुनौतियों के बीच शक्ति, समृद्धि और विवेक को संतुलित रूप से समझने और जाग्रत करने की साधना के रूप में देखा जाता है। मां काली को समय और चेतना की उग्र शक्ति माना जाता है। उनका स्वरूप भय का नहीं, बल्कि उस साहस का प्रतीक है जो व्यक्ति को भीतर जमी जड़ता और नकारात्मक प्रवृत्तियों से बाहर निकलने की प्रेरणा देता है। उनकी उपासना को आंतरिक बल और आत्मरक्षा की भावना से जोड़ा जाता है।
🔱मां लक्ष्मी को केवल भौतिक संपन्नता की देवी नहीं, बल्कि संतुलन, स्थिरता और कर्म में सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। उनकी आराधना जीवन में संसाधनों के प्रति समझ, संतोष और स्थायित्व का भाव विकसित करने से जुड़ी मानी जाती है। वहीं मां सरस्वती ज्ञान, विवेक और स्पष्ट दृष्टि की अधिष्ठात्री कही जाती हैं। उनका स्वरूप व्यक्ति को सही-गलत की पहचान, विचारों की स्पष्टता और निर्णयों में संतुलन की ओर ले जाता है। उनकी उपासना को मानसिक शुद्धि और बौद्धिक स्थिरता से जोड़ा जाता है।
🔱इन तीनों शक्तियों की संयुक्त आराधना को त्रिशक्ति साधना कहा गया है, जिसे शास्त्रों में जीवन के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक पक्षों को एक साथ संतुलित करने की प्रक्रिया के रूप में देखा गया है। यह विशेष महापूजन भद्रकाली शक्तिपीठ में संपन्न किया जाएगा, जोकि 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। भद्रकाली को रक्षक और जाग्रत शक्ति का स्वरूप माना जाता है, और इस पावन स्थान पर की गई साधना को गहन आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ा जाता है।
🔥🙏श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष अनुष्ठान में सहभागी बनकर साधक साल की पहली मौनी अमावस्या पर त्रिशक्ति उपासना के भाव को अपने जीवन में अनुभव कर सकते हैं और आत्मबल, जागरूकता तथा संतुलन की दिशा में एक नया आरंभ कर सकते हैं।🔥🙏