श्री बटुक भैरव, भगवान भैरव के बाल स्वरूप हैं जिन्हें धन-धान्य एवं संपत्ति का दाता कहा गया है। इनके दर्शन के बिना काशी विश्वनाथ का दर्शन भी अधूरा माना जाता है। मान्यता है कि कालाष्टमी पर भैरवजी की विधिवत पूजा करने से शीघ्र फल प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार स्वर्णाकर्षण भैरव पूजा, धन और समृद्धि को आकर्षित करने के लिए की जाती है, जिससे आठ महान सिद्धियों की प्राप्ति होती है। भगवान भैरव के इस स्वरूप की पूजा से ऋण मुक्ति, आर्थिक समृद्धि, जीवन में स्थिरता एवं आपदाओं से सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए कालाष्टमी के शुभ दिन पर दिनांक 31 मई 2024 को वैदिक रीतियों से इस दिव्य मंत्र का उच्चारण करने से भक्तों पर भैरव जी की विशेष कृपा बनी रहती है।