हिंदू धर्म में भगवान भैरव को एक ऐसे देवता के रूप में पूजा जाता है जो आर्थिक समस्याओं समेत जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बाधाओं को दूर कर आशीष देते हैं। श्री स्वर्णाकर्षण भैरव, काल भैरव के सात्विक रूप हैं जिनकी पूजा से समृद्धि एवं धन प्राप्ति की जाती है। पूर्णिमा के दिन भगवान भैरव के इस सात्विक रूप की पूजा करना अत्यधिक लाभकारी है। मान्यता है कि बटुक भैरव स्तोत्र पाठ के साथ स्वर्णाकर्षण भैरव मंत्र का जाप करने से आर्थिक समस्याओं को दूर करने एवं समृद्धि को आकर्षित करने में मदद मिलती है। यह पूजा दिनांक 23 मई 2024 को वैशाख पूर्णिमा के शुभ दिन पर काशी के श्री बटुक भैरव मंदिर में आयोजित की जाएगी। श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में भाग लें और भगवान भैरव से आशीर्वाद प्राप्त करें।