लगभग 8 साल बाद अधिक मास में आने वाला यह बड़ा मंगल सनातन धर्म में बहुत दुर्लभ और शक्तिशाली माना जाता है। इस खास संयोग में बड़ा मंगल की आध्यात्मिक शक्ति और भी बढ़ जाती है।
सनातन धर्म में बड़ा मंगल का विशेष महत्व है, क्योंकि ज्येष्ठ माह के मंगलवार भगवान हनुमान को समर्पित होते हैं। इनमें भी साल का पहला बड़ा मंगल बहुत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है। यह समय हनुमान जी की विशेष कृपा का प्रतीक माना जाता है, जब भक्तों की प्रार्थनाएं जल्दी स्वीकार होती हैं।
✨ दुर्लभ संयोग: अधिक मास का पहला बड़ा मंगल
इस साल यह संयोग और भी खास है क्योंकि यह अधिक मास में आने वाला पहला बड़ा मंगल है। अधिक मास को एक पवित्र “अतिरिक्त महीना” माना जाता है, जो भक्ति, साधना और पुण्य कमाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब हनुमान जी को समर्पित बड़ा मंगल इस महीने में आता है, तो इसकी शक्ति कई गुना बढ़ी हुई मानी जाती है।
इस पवित्र अवसर पर श्री मंदिर द्वारा काली-भैरव-हनुमान संपूर्ण सुरक्षा महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अनुष्ठान में तीन दिव्य शक्तियों - भगवान हनुमान, काल भैरव और मां महाकाली की संयुक्त पूजा की जाएगी।
हनुमान, भैरव और महाकाली की संयुक्त कृपा
👉 भगवान हनुमान संकट मोचन के रूप में जाने जाते हैं, जो सभी परेशानियों को दूर करते हैं और साहस व सुरक्षा प्रदान करते हैं।
👉 काल भैरव भगवान शिव का एक शक्तिशाली रूप माने जाते हैं, जो नकारात्मक शक्तियों और बुरी ऊर्जा से रक्षा करते हैं।
👉 मां महाकाली को नकारात्मकता को समाप्त करने वाली शक्ति माना जाता है, जो डर और संकटों से बचाती हैं।
जब इन तीनों की एक साथ पूजा की जाती है, तो एक बहुत शक्तिशाली आध्यात्मिक ऊर्जा बनती है, जो जीवन में सुरक्षा, साहस और स्थिरता लाने में सहायक मानी जाती है।
यह विशेष महायज्ञ वैदिक विधियों, हवन और आहुति के साथ किया जाएगा, जिसमें हर आहुति के साथ नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने की प्रार्थना की जाएगी। यह पूजा खासतौर पर उन लोगों के लिए लाभदायक मानी जाती है, जो बार-बार आने वाली रुकावटों, शत्रुओं या नकारात्मक प्रभावों का सामना कर रहे हैं।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से आप घर बैठे इस विशेष पूजा में भाग लेकर हनुमान जी, काल भैरव और मां महाकाली की संयुक्त कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यह केवल एक पूजा नहीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा, शक्ति और संतुलन लाने का एक दिव्य अवसर है।