आज के समय में कई लोग अपने घर, कार्यस्थल या आसपास के माहौल में नकारात्मकता महसूस करते हैं। जिससे धीरे-धीरे मन कमजोर होने लगता है, डर बढ़ने लगता है और कामों में रुकावट आने लगती है। ऐसे समय में इंसान को सबसे ज्यादा जरूरत होती है सुरक्षा, साहस और अंदर से मजबूत बनने की। इसी उद्देश्य से कालाष्टमी के दिन श्री हनुमान, भैरव देव और माँ महाकाली का संपूर्ण सुरक्षा महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है। इस त्रिशक्ति पूजा में तीनों शक्तियों का एक साथ आह्वान किया जाएगा।
यह विशेष कालाष्टमी संपूर्ण रक्षा अनुष्ठान कालिघाट शक्तिपीठ में किया जाएगा। यह स्थान माँ काली का प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है, इसलिए यहां मां काली की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। वहीं कालाष्टमी का दिन भैरव देव की उपासना के लिए महत्वपूर्ण होता है जो कि भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करते हैं। इनके साथ ही हनुमान जी की उपासना इन दोनों शक्तियों से मिलने वाली सुरक्षा और साहस को और मजबूत करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
इस पूजा का मुख्य उद्देश्य नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं से रक्षा करना तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करना है। भगवान हनुमान साहस और बल के प्रतीक माने जाते हैं, भैरव देव भय और बाधाओं को दूर करने वाले माने जाते हैं, और माँ महाकाली आंतरिक शक्ति और दृढ़ता प्रदान करने वाली मानी जाती हैं। इन तीनों की संयुक्त उपासना से जीवन में एक मजबूत आध्यात्मिक सुरक्षा का भाव बनता है और व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
जो लोग बार-बार डर, विरोध, ईर्ष्या, नजर दोष या बिना कारण रुकावटों का सामना करते हैं, उनके लिए यह पूजा विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है। इस अनुष्ठान में मंत्र जाप, हवन और विशेष प्रार्थनाएँ की जाती हैं। साधक के नाम और गोत्र से संकल्प लिया जाता है, जिससे पूजा का भाव सीधे उनसे जुड़ता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव की भावना मजबूत होती है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस कालाष्टमी श्री हनुमान, भैरव और माँ महाकाली संपूर्ण सुरक्षा महायज्ञ में भाग लेकर आप भी जीवन में सुरक्षा, साहस और शांति का अनुभव कर सकते हैं और शत्रुओं पर विजय की कामना कर सकते हैं।🙏