उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र और दिव्य स्थान माना जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार यही वह भूमि है जहाँ भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ आज भी उस दिव्य विवाह से जुड़े पवित्र चिन्ह मौजूद हैं, जो इसे आध्यात्मिक रूप से अद्वितीय बनाते हैं।
यहाँ स्थित अखंड अग्नि कुंड को वही अग्नि माना जाता है जिसके साक्षी में शिव–पार्वती का विवाह हुआ था और जो हजारों वर्षों से निरंतर जल रही है। ब्रह्म शिला वह पवित्र स्थान है जहाँ विवाह के वैदिक संस्कार संपन्न हुए थे। मंदिर परिसर में स्थित रुद्र कुंड, विष्णु कुंड और ब्रह्म कुंड के बारे में मान्यता है कि विवाह के समय त्रिदेवों ने इनका प्राकट्य किया था।
मंदिर परंपरा के अनुसार इस दिव्य विवाह में स्वयं भगवान विष्णु ने माता पार्वती का कन्यादान किया था। इसी कारण यह स्थान शिव–पार्वती के विवाह का पृथ्वी पर एकमात्र प्रमाण माना जाता है। आज के समय में कई लोग सच्चे प्रयासों के बाद भी विवाह में देरी, बार-बार रिश्तों का टूटना या मनचाहा जीवनसाथी न मिलने जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार यह स्थिति जीवन में शिव–शक्ति तत्व के असंतुलन या विवाह मार्ग में आने वाली बाधाओं से जुड़ी मानी जाती है।
जब विवाह का उचित समय, रिश्तों में स्पष्टता और योग्य जीवनसाथी की कामना की जाती है, तब शिव–पार्वती के दिव्य मिलन की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। उनका विवाह आदर्श गृहस्थ जीवन, धैर्य, समर्पण और संतुलन का प्रतीक है। इसी भावना से अनेक अविवाहित भक्त संकल्प लेकर इस पूजा में सम्मिलित होते हैं और विवाह से जुड़ी रुकावटों को दूर करने तथा अपने भाग्य के अनुरूप जीवनसाथी के लिए प्रार्थना करते हैं।
इस विशेष अनुष्ठान में शिव–पार्वती विवाह पूजा, देवी माहात्म्य पाठ और अर्धनारीश्वर पूजन किया जाता है। विवाह पूजा के माध्यम से दांपत्य जीवन में सामंजस्य और प्रेम का आशीर्वाद माँगा जाता है। देवी माहात्म्य पाठ माता पार्वती की कृपा से भावनात्मक सुरक्षा और रिश्तों में मधुरता की भावना को मजबूत करता है। अर्धनारीश्वर पूजन शिव और शक्ति की संयुक्त ऊर्जा का आह्वान करता है, जो संबंधों में समानता, धैर्य और संतुलन का प्रतीक है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष पूजा में सम्मिलित होकर भक्त अपने नाम से संकल्प जुड़वा सकते हैं और विवाह में आने वाली बाधाओं को कम करने, रिश्तों को मजबूत बनाने और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना कर सकते हैं। 🙏✨