आज के समय में बहुत से लोग अपनी अधूरी इच्छाओं, आर्थिक अस्थिरता और मानसिक उलझनों से जूझते हुए भीतर ही भीतर थक चुके हैं। प्रयास करने के बाद भी जब स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब मन शांति और संतुलन की तलाश करने लगता है। ऐसे समय में व्यक्ति किसी ऐसे मार्ग की ओर देखता है, जहां वह अपने भाव, चिंताएं और इच्छाएं श्रद्धा के साथ समर्पित कर सके। वेदों के अनुसार त्रिवेणी संगम इस प्रकार के आत्मिक जुड़ाव के लिए एक विशेष स्थान है क्योंकि माँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम केवल नदियों का मिलन नहीं, बल्कि मन, कर्म और भाव को संतुलित करने का प्रतीक माना जाता है। युगों से साधक यहां आकर जप, तप और शिव आराधना के माध्यम से अपने भीतर की अशांति को शांत करने का प्रयास करते आए हैं।
इसी त्रिवेणी संगम की पावन धरा पर माघ मेला आयोजित होता है। जोकि आत्मचिंतन और साधना से जुड़ा समय है। इस पूरे आयोजन में माघ मेले का दूसरा शाही स्नान विशेष रूप से उल्लेखनीय होता है, जब साधु संत और श्रद्धालु संगम में एक साथ स्नान करते हैं। इस समय वातावरण में स्वाभाविक रूप से शांति और सकारात्मकता का अनुभव होता है। इसी क्रम में मकर संक्रांति का पर्व आता है। जिसे सूर्य के उत्तरायण होने का संकेत माना जाता है, जो जीवन में दिशा परिवर्तन और नई ऊर्जा का भाव उत्पन्न करता है। यह काल भीतर जमी हुई उलझनों को छोड़कर आगे बढ़ने का प्रतीक माना जाता है।
जब त्रिवेणी संगम, माघ मेले का दूसरा शाही स्नान, मकर संक्रांति एक साथ आते हैं, तब इसे एक विशेष आध्यात्मिक संयोग के रूप में देखा जाता है। ऐसे समय में भगवान शिव से जुड़ा अनुष्ठान अधिक भावनात्मक और आत्मिक जुड़ाव का माध्यम बनता है। शिव रुद्राभिषेक और रुद्र हवन को भगवान शिव के चरणों में अपनी इच्छाएं, चिंताएं और आर्थिक स्थिरता से जुड़े भाव समर्पित करने का माध्यम माना जाता है। कहते हैं कि इस अनुष्ठान के माध्यम से साधक अपनी इच्छाओं को समझने, वित्तीय विषयों को संतुलित दृष्टि से देखने और भीतर स्थिरता विकसित करने का भाव प्राप्त करता है। रुद्राभिषेक मन को शांत करने और रुद्र हवन नकारात्मकता को छोड़ने का प्रतीक माना जाता है, जिससे व्यक्ति अपने प्रयासों और निर्णयों को स्पष्टता के साथ देख पाता है।
🙏✨यह शिव अनुष्ठान त्रिवेणी संगम की पावन धरा पर आयोजित किया जा रहा है। आप भी श्री मंदिर के माध्यम से इस विशेष अवसर पर आयोजित शिव रुद्राभिषेक और रुद्र हवन में भाग लेकर भगवान शिव से जुड़ने का यह पावन अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। 🚩🌊🕉️