21 मार्च 2026, शनिवार (चैत्र शुक्ल तृतीया) के दिन श्री मंदिर द्वारा उज्जैन के पवित्र श्री नवग्रह शनि मंदिर में प्रीमियम पर्सनलाइज्ड शनि ग्रह शांति पूजा का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष अनुष्ठान प्रत्येक भक्त के लिए अलग-अलग किया जाता है, जिसमें मंदिर के आचार्य आपके नाम, गोत्र और व्यक्तिगत संकल्प के साथ पूरी पूजा, मंत्र जाप और यज्ञ संपन्न करते हैं।
🔸आपके लिए विशेष दोष निवारण पूजा:
इस अनुष्ठान के दौरान विद्वान आचार्य आपके संकल्प के साथ शनि ग्रह शांति पूजा, शनि कवच स्तोत्र पाठ और शनि मंत्र यज्ञ संपन्न करेंगे। प्रत्येक मंत्र और आहुति शनि देव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में आने वाली कर्मजनित चुनौतियों व ग्रहों से जुड़ी परेशानियों को शांत करने की भावना से की जाती है।
🔸 शनि पूजा का महत्व क्यों माना जाता है?
वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म और अनुशासन का ग्रह माना जाता है। जब शनि का प्रभाव अधिक होता है, जैसे साढ़ेसाती, शनि ढैया या शनि महादशा के समय तब व्यक्ति को सफलता में देरी, कार्यों में रुकावट, करियर में संघर्ष या जीवन में अस्थिरता का अनुभव हो सकता है। इसलिए शनि शांति अनुष्ठान और मंत्र जाप को इन प्रभावों को कम करने और जीवन में संतुलन स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण आध्यात्मिक साधना माना जाता है। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन की गई पूजा शनि के कठिन प्रभावों को शांत करने और जीवन में धैर्य, स्थिरता और शक्ति प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली मानी जाती है।
🔸 यह पूजा उज्जैन के श्री नवग्रह शनि मंदिर में क्यों की जाती है?
सनातन परंपरा में उज्जैन को ग्रहों की पूजा से जुड़ा अत्यंत शक्तिशाली आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। यहाँ स्थित श्री नवग्रह शनि मंदिर शनि देव और नौ ग्रहों को समर्पित है। भक्त यहाँ ग्रह दोषों और कर्म से जुड़ी परेशानियों से राहत की प्रार्थना करने आते हैं।
🔸 श्री मंदिर के माध्यम से भक्त इस शनि ग्रह शांति पूजा में सम्मिलित होकर इस पवित्र मंदिर में होने वाली शनि उपासना की शक्तिशाली ऊर्जा से जुड़ सकते हैं। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी जाती है जो साढ़ेसाती, शनि ढैया, कार्यों में देरी या बार-बार आने वाली बाधाओं से राहत चाहते हैं।
🙏 यदि आप शनि से जुड़ी चुनौतियों से राहत और जीवन में स्थिरता तथा संतुलन की कामना करते हैं, तो श्री मंदिर के माध्यम से इस पवित्र शनि ग्रह शांति पूजा में भाग लेना एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक कदम हो सकता है।