✨मीन राशि के लिए शनि का महत्वपूर्ण गोचर 29 मार्च 2025 को हुआ, जब शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर गए। यह गोचर 3 जून 2027 तक रहेगा और इसी अवधि को मीन राशि की साढ़े साती का सक्रिय समय माना जाता है। इस दौरान मानसिक थकान, आर्थिक दबाव और रिश्तों में उतार-चढ़ाव महसूस होना सामान्य माना जाता है। यह समय सोच, भावनाओं और जीवन की परिस्थितियों में बदलाव लेकर आता है।
✨ज्योतिष के अनुसार, मीन राशि पर भगवान शनि का प्रभाव विशेष माना जाता है। मीन राशि जल तत्व की राशि है, जो भावनाओं, संवेदनशीलता और कल्पनाशील स्वभाव से जुड़ी होती है। वहीं, भगवान शनि अनुशासन, जिम्मेदारी और वास्तविक जीवन की सीख के प्रतीक हैं।
✨जब भगवान शनि मीन राशि में आते हैं, तो भावनाएँ और वास्तविकता आमने-सामने आती हैं, जिससे चिंता, उलझन, असुरक्षा और भविष्य की फिक्र बढ़ सकती है। हालांकि, यह समय व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनने और अपनी कमियों पर काम करने का अवसर भी देता है।
✨शनि का यह प्रभाव मीन राशि के 11वें और 12वें भाव को सक्रिय करता है, जिससे धन प्रबंधन में दिक्कतें, परिवार में मतभेद और मन की अस्थिरता हो सकती है। यह समय जीवन की दिशा, कर्म और सोच को परखने का होता है, ताकि आगे चलकर स्थिरता और संतुलन आ सके।
✨इन प्रभावों को शांत करने और मन को स्थिर रखने के लिए मीन राशि वालों के लिए शनि दोष शांति पूजा की जा रही है। यह पूजा पवित्र नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन में संपन्न होगी, जिसे शनि से जुड़े उपायों के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है। यहाँ की गई पूजा से मानसिक शांति, जीवन में स्थिरता और परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होने की मान्यता है।
✨यह पूजा श्री मंदिर के माध्यम से कराई जा रही है। इसमें भाग लेकर आप मानसिक शांति, धन से जुड़ी राहत और पारिवारिक संतुलन की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठा सकते हैं। यह उन मीन राशि वालों के लिए विशेष अवसर है, जो साढ़े साती के कारण तनाव और अनिश्चितता महसूस कर रहे हैं।