कुंभ राशि के जातक अपने स्वतंत्र विचार, आगे सोचने की आदत और गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। वे बदलाव को आसानी से अपनाते हैं और अक्सर अलग रास्तों पर चलना पसंद करते हैं। हालांकि, अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त न कर पाने के कारण कठिन ग्रह स्थितियों में उन्हें अंदरूनी तनाव महसूस हो सकता है।
ज्योतिषियों के अनुसार, 2026 कुंभ राशि वालों के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष है, क्योंकि इस वर्ष भगवान शनि के प्रमुख गोचर (17 जनवरी 2026) के बाद साढ़े साती का अंतिम चरण चल रहा है। यह चरण पुराने कर्मों के समापन, मानसिक मजबूती और जीवन में नए ढांचे बनाने से जुड़ा है। जहाँ यह समझ और परिपक्वता लाता है, वहीं मानसिक दबाव, धन से जुड़ी अस्थिरता और लंबे समय से चला आ रहा तनाव भी महसूस हो सकता है।
इस समय तीन बातों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक होता है- पहला, मन में चिंता और अधिक सोच बढ़ सकती है, जिससे सही निर्णय लेना कठिन हो जाता है। दूसरा, आय के अवसर होने के बावजूद बचत नहीं हो पाती और अनियमित खर्चे चिंता बढ़ाते हैं। तीसरा, जिम्मेदारियों के कारण मानसिक थकावट बढ़ सकती है, जिससे एकाग्रता और शांति प्रभावित होती है।
शनि साढ़े साती के इस प्रभाव को शांत करने के लिए शनि देव की विशेष पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। शनि दोष शांति पूजा भगवान शनि के कठोर प्रभाव को शांत करती है, अनुशासन बढ़ाती है, धन संतुलन में सहायक होती है और इस अंतिम चरण में मानसिक मजबूती प्रदान करती है।
इसी उद्देश्य से कुंभ राशि के लिए शनि दोष शांति पूजा पवित्र नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन में आयोजित की जा रही है, जिसे भगवान शनि से जुड़े उपायों का एक प्रभावशाली केंद्र माना जाता है। इस पूजा के माध्यम से भक्त धन हानि से राहत, मानसिक तनाव में कमी और 2026 की साढ़े साती के दौरान धीरे-धीरे संतुलन व स्पष्टता की कामना करते हैं।