🕉️ दो ज्योतिर्लिंगों में 1 लाख 8 ‘ॐ नम: शिवाय’ जाप से पाएं सुरक्षा और सुख-समृद्धि का दिव्य आशीर्वाद
हिंदू धर्म में सावन को भगवान शिव का सबसे प्रिय और पवित्र महीना माना गया है। कहते हैं कि ये महीना भक्त और भगवान के बीच एक आध्यात्मिक पुल का काम करता है। शास्त्रों के अनुसार, यही वह समय होता है जब सच्चे भक्तों को शिव जी का आशीर्वाद सबसे आसानी से मिल सकता है। पुराणों में सावन के सोमवार का विशेष महत्व है, क्योंकि ये पूरी तरह से महादेव की पूजा के लिए समर्पित होते हैं। सावन का महीना पूजा और अनुष्ठानों के माध्यम से आध्यात्मिक तरक्की और सही दिशा में बढ़ने के द्वार खोलता है। इसलिए, इस बेहद शुभ दिन पर भगवान शिव के बारह प्रतिष्ठित ज्योतिर्लिंगों में से दो, घृष्णेश्वर और ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग संयुक्त पूजा का आयोजन होने जा रहा है।
🔱 घृष्णेश्वर में रुद्राभिषेक - यह एक प्राचीन अनुष्ठान है, जो शिव जी के सबसे उग्र रूप को भी प्रसन्न करने की शक्ति रखता है। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग पर एक दिव्य रुद्राभिषेक किया जाएगा, जिसमें वैदिक मंत्रों के जाप के साथ जल, दूध, शहद और बेल पत्र जैसी पवित्र सामग्री होगी। इसे महादेव की कृपा प्राप्त करने के सबसे शक्तिशाली तरीकों में से एक माना जाता है। कहते हैं कि लंकापति रावण जैसे भक्तों ने भी तीनों लोकों पर विजय पाने के लिए रुद्राभिषेक किया था। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों की परिक्रमा पूरी करता है और भक्तों की आध्यात्मिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए जाना जाता है।
🙏 ओंकारेश्वर में 1 लाख 8 पंचाक्षरी जाप - जीवन को बदलने वाली ‘मंत्र शक्ति’
ओंकारेश्वर में पवित्र शिव पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के 1 लाख 8 जाप किए जाएंगे। ऐसा कहा जाता है कि यह मंत्र कर्मों को शुद्ध करता है, प्राणों का रक्षक है और मानसिक शक्ति बढ़ा सकता है। ऐसा भी कहते हैं कि यहां शिव जी का नाम जपने से धीरे-धीरे आध्यात्मिक तरक्की और शांति मिलनी शुरू हो जाती है। मानते हैं कि यह ज्योतिर्लिंग वही स्थान है, जहां स्वयं भगवान शिव हर रात विश्राम करने आते हैं।
श्री मंदिर के साथ इस शक्तिशाली सावन सोमवार पूजा में भाग लें और दो ज्योतिर्लिंगों से स्वास्थ्य, सुरक्षा और आध्यात्मिक मजबूती का आशीर्वाद पाएं!