राहु-गुरु की युति से बनने वाले योग को गुरु चांडाल योग कहते हैं। इसे बहुत ही अशुभ योग माना गया है क्योंकि इस अशुभ योग के बनने से कुंडली में मौजूद शुभ योग भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे जीवन में परेशानियों का सिलसिला शुरू हो जाता है जैसे स्वास्थ्य समस्याएं, करियर, वैवाहिक जीवन में तनाव आदि। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु चांडाल योग शांति पूजा करने के लिए गुरुवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। वहीं अगर किसी की कुंडली में गुरु चांडाल दोष लगा हो तो गुरुवार के दिन देव गुरु बृहस्पति का पूजन करना अत्यंत प्रभावकारी माना गया है। इसलिए गुरु चांडाल दोष से निवारण के लिए काशी के श्री बृहस्पति मंदिर में दिनांक 30 मई 2024 को होने वाली इस भव्य पूजा में श्री मंदिर के माध्यम से भाग लें और बृहस्पति देव का आशीष पाएं।