🪈 वृंदावन धाम में एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, व्रत और सेवा के लिए अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली तिथि माना जाता है। इस वर्ष यह एकादशी और भी विशेष बन जाती है क्योंकि यह अत्यंत शुभ अधिक मास में पड़ रही है। अधिक मास को पूरी तरह से श्रीहरि की उपासना को समर्पित माना गया है। यह दुर्लभ समय भक्ति, दान और आत्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि 8 वर्षों बाद अधिक ज्येष्ठ मास में आने वाली यह दुर्लभ एकादशी भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने, सेवा अर्पित करने और उनके प्रिय धाम वृंदावन में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति पाने का दिव्य अवसर लेकर आती है।
🪈 वृंदावन धाम भगवान कृष्ण की भक्ति के कई सिद्ध और पूजनीय स्वरूपों का केंद्र माना जाता है, जिनमें बांके बिहारी मंदिर, राधा रमण मंदिर और राधा वल्लभ मंदिर प्रमुख हैं। इनमें राधा रमण जी का विशेष महत्व है क्योंकि वे स्वयं प्रकट हुए स्वरूप माने जाते हैं, जो श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी की भक्ति से प्रकट हुए थे। अधिक मास एकादशी पर राधा रमण जी की सेवा और पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
🪈 इस शुभ अवसर पर पवित्र राधा रमण मंदिर में विशेष राधा रमण जी पंचामृत अभिषेक, इत्र सेवा, 16 पूजन सामग्री पूजन और भोग आरती का आयोजन किया जाएगा। पंचामृत अभिषेक में ठाकुर जी का दूध, दही, घी, शहद और पवित्र जल से अभिषेक किया जाता है, जो श्रद्धा, समर्पण, भक्ति और दिव्य प्रेम का प्रतीक माना जाता है। वहीं 16 पूजन सामग्रियों के साथ किया जाने वाला षोडशोपचार पूजन भगवान को संपूर्ण सेवा अर्पित करने और उनकी कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।
🪈 इस पूजा में की जाने वाली विशेष इत्र सेवा का राधा रमण जी की सेवा परंपरा में अत्यंत महत्व माना जाता है। भोग आरती के दौरान भक्तगण प्रेम और श्रद्धा से ठाकुर जी को भोग, पुष्प, सुगंध और विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। मान्यता है कि अधिक मास में किए गए ये दिव्य अनुष्ठान नकारात्मकता को दूर करने, कर्मों को शुद्ध करने और जीवन में सुख-शांति व सकारात्मकता लाने में सहायक होते हैं।
🪈 यह पवित्र एकादशी अनुष्ठान केवल एक पूजा नहीं, बल्कि वृंदावन धाम में राधा रमण जी की दिव्य उपस्थिति से जुड़ने का एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि इस दुर्लभ अधिक मास एकादशी पर सेवा अर्पित करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं, पापों से राहत मिलती है, भक्ति मजबूत होती है और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।
🙏 श्री मंदिर के माध्यम से इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेकर भक्त राधा रमण मंदिर में अपनी ओर से सेवा अर्पित कर सकते हैं और इस दुर्लभ अधिक मास एकादशी उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं। राधा रमण जी से मनोकामना पूर्ति, आत्मिक शांति, भक्ति और भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य कृपा का आशीर्वाद प्राप्त करें।