वैशाख पूर्णिमा का दिन पितरों को तृप्त करने का दिन माना जाता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार वैशाख पूर्णिमा पर गंगा स्नान, पिंडदान, तर्पण आदि कार्य करने का विशेष महत्व है। इस विशेष दिन पर अपने पूर्वजों के निमित्त कार्य करने से उन्हें मुक्ति मिलने के साथ मोक्ष की प्राप्ति भी होती है और व्यक्ति के सभी पाप दूर हो जाते हैं। पितृ दोष से मुक्ति एवं पारिवारिक एकता एवं नकारात्मकताओं को दूर करने के लिए गुरूड़ पुराण में नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति पूजा कारगर बताई गई है। इसलिए वैशाख पूर्णिमा के शुभ दिन पर हरिद्वार के श्री गंगा घाट पर इस पूजा का आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 23 मई 2024, को होने वाली इस पूजा में भाग लें और पारिवारिक एकता के साथ पितृ का आशीर्वाद पाएं।