🧾गुप्त नवरात्रि का 5वां दिन-पंचमी, माँ दुर्गा की रक्षक शक्ति को जाग्रत करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन पंचमुखी दुर्गा की पूजा की जाती है, जिनके पाँच मुख जीवन के हर पक्ष की रक्षा करते हैं। पंचमुखी दुर्गा 5-तत्व महा हवन कटरा स्थित नवदुर्गा मंदिर में किया जाएगा, जो एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। इस पूजा में पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश इन पाँच तत्वों की शक्ति को जाग्रत किया जाता है, ताकि भक्तों को छिपे हुए संकटों, बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा मिल सके। यह महा हवन एक दिव्य रक्षा कवच बनाता है, जो जीवन में भय को शांत करता है और साहस व आत्मविश्वास प्रदान करता है।
🧾 इस महा हवन में अग्नि में आहुति, मंत्र जाप और ऊर्जा संतुलन की विधियाँ की जाती हैं, जिनसे पंचमुखी दुर्गा की संयुक्त शक्ति सक्रिय होती है। पाँचों तत्व जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों को संतुलित करते हैं और संपूर्ण सुरक्षा प्रदान करते हैं। नवदुर्गा मंदिर की दिव्य ऊर्जा इस पूजा के प्रभाव को और भी अधिक बढ़ा देती है। मान्यता है कि इस पूजा में भाग लेने वाले भक्तों को नकारात्मकता से रक्षा, चुनौतियों से लड़ने का साहस और आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है।
🧾श्री मंदिर के माध्यम से भक्त घर बैठे भी पंचमुखी दुर्गा 5-तत्व महा हवन में भाग ले सकते हैं और माँ दुर्गा की पाँचों शक्तियों से बना दिव्य ‘सुरक्षा कवच’ प्राप्त कर सकते हैं। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी मानी गई है, जो अपने जीवन में भय, असुरक्षा, बाधाओं या मानसिक अशांति का सामना कर रहे हैं। नवदुर्गा मंदिर, कटरा में किया जाने वाला यह अनुष्ठान जीवन में सुरक्षा, संतुलन, साहस और आध्यात्मिक सहारा प्रदान करता है, जिससे भक्त आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।