सनातन परंपरा में नज़र दोष को ऐसी नकारात्मक ऊर्जा माना जाता है जो व्यक्ति की प्रगति, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है। कई बार बिना स्पष्ट कारण के काम रुकने लगते हैं, योजनाएं सफल नहीं होतीं, मन में बेचैनी बनी रहती है या घर के वातावरण में तनाव महसूस होता है। ऐसी स्थितियों को नजर दोष से जुड़ा माना जाता है, और इससे राहत पाने के लिए भगवान भैरव की उपासना को विशेष रूप से प्रभावशाली माना गया है। इसी उद्देश्य से उज्जैन के श्री विक्रांत भैरव मंदिर में नजर दोष निवारण भैरव विशेष के अंतर्गत नज़र दोष शांति पूजा और यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
गुरुवार का दिन देव कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है, और फाल्गुन शुक्ल द्वितीया की तिथि सकारात्मक ऊर्जा को जाग्रत करने वाली मानी जाती है। इस पावन समय पर श्री विक्रांत भैरव मंदिर में की जाने वाली यह पूजा बुरी नज़र और अदृश्य नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा की भावना से जुड़ी है। भगवान भैरव को उज्जैन नगरी के रक्षक देवता माना जाता है, जो अपने भक्तों को भय, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं। इस विशेष पूजा में वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ और प्रार्थनाएं की जाती हैं, जहां भक्त के नाम और गोत्र से संकल्प लेकर अनुष्ठान संपन्न किया जाता है ताकि उसका फल सीधे साधक तक पहुंचे। यज्ञ की अग्नि शुद्धता और रक्षा का प्रतीक मानी जाती है, जो वातावरण से नकारात्मकता कम कर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने की भावना से जुड़ी है।
🌿 जानें नजर दोष निवारण से जुड़ी पवित्र मान्यता…
उज्जैन में भगवान भैरव की आराधना को नजर दोष से सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि श्री विक्रांत भैरव मंदिर में की गई प्रार्थनाएं भक्त को बुरी नज़र और ईर्ष्या से उत्पन्न नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षित रखती हैं। यहां की पूजा साहस, आत्मबल और मानसिक स्थिरता बढ़ाने की भावना से जुड़ी मानी जाती है।
आज के समय में जब व्यक्ति लगातार तनाव, प्रतिस्पर्धा और बाहरी दबावों से घिरा रहता है, तब नजर दोष की आशंका से मन और भी अस्थिर हो सकता है। भगवान भैरव की आराधना सुरक्षा, आत्मविश्वास और स्थिरता की भावना को मजबूत करती है। भक्त मानते हैं कि भैरव पूजा से जीवन की अनदेखी रुकावटें धीरे-धीरे कम होती हैं और घर-परिवार में शांति का वातावरण बनता है।
श्री मंदिर के माध्यम से भक्त घर बैठे इस नजर दोष निवारण भैरव विशेष पूजा और यज्ञ में भाग लेकर भगवान भैरव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए मानी जाती है जो बार-बार बुरी नज़र, ईर्ष्या या नकारात्मक प्रभाव से परेशान महसूस करते हैं और जीवन में सुरक्षा, स्थिरता और मानसिक शांति चाहते हैं।