गुप्त नवरात्रि वह पवित्र समय माना जाता है, जब शक्ति के सबसे रहस्यमय और शक्तिशाली रूप जागृत होते हैं। सामान्य नवरात्रि की तरह यह उत्सव खुले रूप में नहीं मनाया जाता, बल्कि इन नौ दिनों में भक्त गहन साधना और एकांत भक्ति के साथ देवी की आराधना करते हैं। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में सच्चे मन से की गई प्रार्थना छिपी हुई नकारात्मकता को दूर करती है और जीवन में शांति, शक्ति और दिव्य मार्गदर्शन के द्वार खोलती है।
इस विशेष आध्यात्मिक समय में काशी में श्री काल भैरव और हरिद्वार में माँ बगलामुखी की संयुक्त उपासना नज़र दोष और छिपे शत्रुओं से रक्षा के लिए अत्यंत प्रभावी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नज़र दोष ईर्ष्या या नकारात्मक भावना से उत्पन्न होता है, जो व्यक्ति की खुशी, उन्नति और समृद्धि पर असर डालता है। इसके प्रभाव से बिना कारण धन हानि, स्वास्थ्य समस्या, मानसिक अशांति या बार-बार असफलता देखने को मिल सकती है। इन नकारात्मक प्रभावों को शांत करने के लिए श्री मंदिर द्वारा गुप्त नवरात्रि में काशी से काल भैरव नज़र दोष निवारण अनुष्ठान प्रस्तुत किया जा रहा है।
🪔 द्वि-शक्ति रक्षा: भैरव देव और माँ बगलामुखी की संयुक्त कृपा
माँ बगलामुखी को शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों को नियंत्रित करने वाली देवी माना जाता है। उनकी उपासना से मानसिक स्थिरता, आत्मबल और साहस की प्राप्ति होती है, जिससे बाहरी ही नहीं बल्कि भीतर के डर और असुरक्षा भी कम होते हैं। वहीं श्री बटुक भैरव का रक्षा कवच यज्ञ और विशेष बगलामुखी हवन नज़र दोष और अदृश्य बाधाओं को दूर करने में अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं।
काशी में भैरव देव को भगवान शिव की नगरी के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। वे बुराई का नाश करने वाले और अदृश्य रुकावटों को दूर करने वाले माने जाते हैं। यहाँ किया गया नज़र दोष निवारण अनुष्ठान व्यक्ति की ऊर्जा को शुद्ध करता है और नकारात्मक प्रभावों से रक्षा प्रदान करता है, जिससे भीतर से निर्भयता आती है। माँ बगलामुखी आठवीं महाविद्या हैं और उनकी कृपा से नकारात्मक विचार, वाणी और शत्रु शक्तियां शांत होती हैं। वे अपने भक्तों को शत्रुओं पर विजय, नकारात्मकता से सुरक्षा और आंतरिक भय से बाहर निकलने की शक्ति प्रदान करती हैं।
गुप्त नवरात्रि में जब काल भैरव की नाशक शक्ति और माँ बगलामुखी की नियंत्रण शक्ति एक साथ आती हैं, तो यह एक ऐसा दिव्य कवच बनाती हैं, जो पूरे वर्ष भक्त और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करता है। पवित्र मंत्रों, आहुतियों और विद्वान पंडितों द्वारा किए गए इन विशेष अनुष्ठानों के माध्यम से यह गुप्त नवरात्रि साधना आत्मा की शुद्धि करती है, शुभता को आकर्षित करती है और एक अदृश्य दिव्य सुरक्षा कवच बनाती है, जिससे जीवन में शांति, स्थिरता और नज़र दोष व नकारात्मकता से रक्षा बनी रहती है।