नज़र दोष शांति पूजा एवं यज्ञ जीवन में बार-बार आने वाली रुकावटों, अचानक बढ़ती परेशानियों और नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने की भावना से किया जाता है। मान्यता है कि यज्ञ की पवित्र अग्नि वातावरण को शुद्ध करती है और मन में स्थिरता, स्पष्ट सोच और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। यह विशेष पूजा इस रविवार उज्जैन के श्री विक्रांत भैरव मंदिर में आयोजित की जा रही है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। यहाँ भगवान भैरव की उपासना विशेष रूप से नज़र दोष, दृष्टि दोष और अदृश्य नकारात्मक प्रभावों से रक्षा के लिए की जाती है।
विक्रांत भैरव मंदिर में भगवान भैरव अपने उग्र और रक्षक स्वरूप में विराजमान हैं, जो भक्तों को भय, नकारात्मक शक्तियों और मानसिक अशांति से बचाने वाले माने जाते हैं। पूजा की शुरुआत शुद्धिकरण, संकल्प और विद्वान आचार्यों द्वारा रक्षा सूत्र बाँधने से होती है। यह अनुष्ठान मन को स्थिर करने, आत्मविश्वास बढ़ाने, परिवार में सामंजस्य बनाए रखने और कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाओं को कम करने से जुड़ा माना जाता है। भगवान विक्रांत भैरव की कृपा से नज़र दोष का प्रभाव धीरे-धीरे शांत होता है, साहस बढ़ता है और विचारों में स्पष्टता आती है, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
🛕 इस पूजा का पौराणिक महत्व
यह नज़र दोष शांति पूजा उज्जैन के प्रसिद्ध श्री विक्रांत भैरव मंदिर में संपन्न होगी, जिसे भैरव उपासना के प्रमुख स्थलों में से एक माना जाता है। भगवान भैरव को उज्जैन का दिव्य रक्षक माना जाता है और अदृश्य नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा देने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। श्रद्धा और विधि-विधान से यहाँ की गई पूजा नज़र दोष, जीवन की बाधाओं और अचानक आने वाली परेशानियों को शांत करने की भावना से की जाती है और गहरी आध्यात्मिक शुद्धि का अनुभव कराती है।
मान्यता है कि जीवन के नए चरण की शुरुआत से पहले भैरव जी का स्मरण करने से आभा शुद्ध होती है और नकारात्मकता दूर होती है। यह पावन भूमि अपनी दिव्य कथाओं और शक्तिशाली आध्यात्मिक ऊर्जा के कारण सुरक्षा, बाधा निवारण और नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति के लिए विशेष मानी जाती है।
श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में सम्मिलित होकर आप भी भगवान भैरव से नज़र दोष, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन के असंतुलन से राहत के लिए प्रार्थना कर सकते हैं। 🙏