सनातन परंपरा में नज़र दोष को एक ऐसी नकारात्मक ऊर्जा माना जाता है, जो व्यक्ति की तरक्की, सेहत और मन की शांति को प्रभावित कर सकती है। ऐसा माना जाता है कि कभी कभी बिना किसी साफ कारण के काम रुकने लगते हैं, योजनाएँ सफल नहीं हो पातीं, मन में घबराहट या बेचैनी बढ़ जाती है, और घर में तनाव का माहौल बनने लगता है। ऐसी स्थिति को अक्सर बुरी नज़र का प्रभाव समझा जाता है। इस प्रभाव से बचने के लिए भगवान भैरव की पूजा बहुत प्रभावशाली मानी जाती है। इसी उद्देश्य से उज्जैन के श्री विक्रांत भैरव मंदिर में भैरव विशेष के अंतर्गत नज़र दोष शांति पूजा और यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
भगवान भैरव को उज्जैन का रक्षक देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि वे अपने भक्तों को डर, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं। इस विशेष पूजा में वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है, यज्ञ किया जाता है और प्रार्थना की जाती है। पूजा के दौरान साधक के नाम और गोत्र से संकल्प लिया जाता है, ताकि पूजा का आशीर्वाद सीधे उस व्यक्ति तक पहुँचे जिसके लिए यह अनुष्ठान किया जा रहा है। यज्ञ की पवित्र अग्नि को शुद्धता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। यह धारणा है कि यज्ञ की अग्नि आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को कम करती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है। इससे जीवन में शांति, स्थिरता और आगे बढ़ने की शक्ति प्राप्त होती है।
🌿 जानें नजर दोष निवारण से जुड़ी पवित्र मान्यता…
उज्जैन में भगवान भैरव की आराधना को नजर दोष से सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि श्री विक्रांत भैरव मंदिर में की गई प्रार्थनाएं भक्त को बुरी नज़र और ईर्ष्या से उत्पन्न नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षित रखती हैं। यहां की पूजा साहस, आत्मबल और मानसिक स्थिरता बढ़ाने की भावना से जुड़ी मानी जाती है।
आज के समय में जब व्यक्ति लगातार तनाव, प्रतिस्पर्धा और बाहरी दबावों से घिरा रहता है, तब नजर दोष की आशंका से मन और भी अस्थिर हो सकता है। भगवान भैरव की आराधना सुरक्षा, आत्मविश्वास और स्थिरता की भावना को मजबूत करती है। भक्त मानते हैं कि भैरव पूजा से जीवन की अनदेखी रुकावटें धीरे-धीरे कम होती हैं और घर-परिवार में शांति का वातावरण बनता है।
श्री मंदिर के माध्यम से भक्त घर बैठे इस नजर दोष निवारण भैरव विशेष पूजा और यज्ञ में भाग लेकर भगवान भैरव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए मानी जाती है जो बार-बार बुरी नज़र, ईर्ष्या या नकारात्मक प्रभाव से परेशान महसूस करते हैं और जीवन में सुरक्षा, स्थिरता और मानसिक शांति चाहते हैं।