🔥फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा की पावन संध्या पर होने वाला होलिका दहन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि धर्म की अधर्म पर और भक्ति की अहंकार पर विजय का दिव्य प्रतीक माना जाता है। यह वह पवित्र क्षण है जब भक्त प्रह्लाद की अटूट विष्णु भक्ति ने अग्नि के मध्य भी उन्हें सुरक्षित रखा और होलिका का अंत हुआ। इस कथा का संदेश यह है कि जब जीवन में भय, विरोध या छिपे हुए संकट बढ़ते हैं, तब ईश्वर की शरण ही सच्ची रक्षा का मार्ग बनती है।
🔥राजा हिरण्यकश्यप का अहंकार और प्रह्लाद की अडिग श्रद्धा हमें यह सिखाती है कि सत्य और विश्वास को कोई भी शक्ति पराजित नहीं कर सकती। होलिका दहन की अग्नि को इसलिए पवित्र माना जाता है क्योंकि यह नकारात्मकता, भय, भ्रम और अशुभ प्रभावों को प्रतीकात्मक रूप से भस्म करने की भावना से जुड़ी है। इसी दिव्य तिथि पर नारायण–प्रह्लाद संकट नाशक होलिका दहन अनुष्ठान एवं नारायण सुदर्शन महायज्ञ का आयोजन इस आध्यात्मिक सत्य को साधना के रूप में जीवंत करता है।
🔥इस विशेष अनुष्ठान में होलिका दहन की पावन अग्नि के साथ भगवान नारायण की कृपा का आह्वान किया जाता है। सुदर्शन चक्र को धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश का प्रतीक माना गया है। जब वैदिक मंत्रों के साथ सुदर्शन महायज्ञ किया जाता है, तो यह साधना शत्रु बाधा, बुरी शक्तियों, अनदेखे भय और छिपे हुए खतरों से सुरक्षा की प्रार्थना का माध्यम बनती है। यह केवल बाहरी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मन के भीतर बैठे डर, असुरक्षा और नकारात्मक विचारों को भी शांत करने की भावना से जुड़ी होती है।
🔥होलिका दहन का यह पावन अवसर हमें यह भी याद दिलाता है कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियाँ स्थायी नहीं होतीं। जैसे भक्त प्रह्लाद की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु ने की, वैसे ही सच्चे विश्वास और श्रद्धा के साथ की गई साधना जीवन में आश्वासन और आंतरिक शक्ति का संचार करती है।
🔥इस दिव्य अनुष्ठान के माध्यम से साधक अपने जीवन की सभी नकारात्मकताओं, शत्रु बाधाओं और छिपे संकटों को अग्नि में समर्पित करने का संकल्प लेते हैं और भगवान नारायण से अखंड सुरक्षा, साहस और विजय का आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।
श्री मंदिर के माध्यम से आप भी इस पावन होलिका दहन अवसर पर अपने नाम से संकल्प जुड़वाकर इस दिव्य साधना का हिस्सा बन सकते हैं। भक्त प्रह्लाद की भक्ति और भगवान नारायण की सुदर्शन कृपा से जीवन में सुरक्षा, शांति और सकारात्मकता का अनुभव करने का यह एक अत्यंत शुभ अवसर है।