🪔 हर वर्ष माघ के पावन महीने में प्रयागराज माघ मेले के माध्यम से आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन जाता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, इस समय त्रिवेणी संगम में स्नान करना वर्षों की तपस्या के समान पुण्यदायक माना गया है। माघ मेले के शाही स्नान सबसे पवित्र माने जाते हैं, जब गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की संयुक्त उपस्थिति पितृ मार्ग को जाग्रत करती है। 14 जनवरी को यह शाही स्नान माघ कृष्ण एकादशी के साथ पड़ रहा है, जिससे यह दिन विष्णु तत्व, मोक्ष और पितृ शांति की प्रार्थना के लिए अत्यंत शुभ हो जाता है।
🪔 कई परिवार मन ही मन कुछ बोझ लेकर चलते हैं—बार-बार आने वाली बाधाएँ, घर में अशांति या यह भावना कि बड़ों का आशीर्वाद नहीं मिल पा रहा। शास्त्रों के अनुसार, ऐसे अनुभव कभी-कभी अशांत पितृ कर्म, असमय मृत्यु या अधूरे अंतिम संस्कार से जुड़े होते हैं। जब पितरों को शांति नहीं मिलती, तो उनकी असंतुष्टि का प्रभाव वंशजों के जीवन में दिखाई दे सकता है। इसी कारण माघ मेले में माघ कृष्ण एकादशी जैसे दुर्लभ और शक्तिशाली दिनों पर पितृ मुक्ति से जुड़े कर्मों का विशेष महत्व बताया गया है।
🪔 नारायण बलि, नाग बलि और पितृ शांति महापूजा ऐसे ही प्रभावशाली वैदिक कर्म हैं।
🙏 नारायण बलि असमय या अप्राकृतिक मृत्यु पाने वाली आत्माओं की शांति के लिए है।
🙏 नाग बलि वंश में चले आ रहे नाग दोष या रुकावटों के निवारण हेतु की जाती है।
🙏 पितृ शांति पितरों से क्षमा, संतोष और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए की जाती है।
🪔 एकादशी, जो भगवान श्री विष्णु को समर्पित है, मोक्ष प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इस दिन इन कर्मों को करना आत्माओं की आगे की यात्रा में सहायक माना जाता है। जब ये अनुष्ठान त्रिवेणी संगम, प्रयागराज में किए जाते हैं, तो उनका महत्व और बढ़ जाता है। पुराणों के अनुसार, संगम में किए गए पितृ कर्म सीधे उच्च लोकों तक पहुँचते हैं। माघ मेले के शाही स्नान के दौरान संतों, भक्तों और पवित्र जल की सामूहिक ऊर्जा पितृ कर्मों के फल को कई गुना बढ़ा देती है। इस दिन की गई प्रार्थनाएँ केवल स्मरण नहीं होतीं, बल्कि आगे की पीढ़ियों तक प्रभाव छोड़ती हैं।
🪔 माघ मेले के दौरान त्रिवेणी संगम में होने वाली यह महापूजा पितरों की शांति और आने वाली पीढ़ियों के सुख-संतुलन के लिए की जाती है। श्री मंदिर के माध्यम से यह प्राचीन परंपरा पूर्ण वैदिक विधि, श्रद्धा और सम्मान के साथ संपन्न की जाती है।