ईर्ष्या, नकारात्मक इरादों या छिपी शत्रुता का लगातार सामना शांति भंग कर सकता है। सच्ची कोशिशों के बावजूद बाधाएं, डर या बार-बार परेशानियां महसूस होती हैं, जो तर्कसंगत नहीं लगतीं। शास्त्रों में इन्हें नज़र दोष या छिपे नकारात्मक प्रभाव कहा गया है, जो नज़र या छिपी शत्रु ऊर्जा से आते हैं। लेकिन दिव्य सहारा हमेशा उपलब्ध है। भगवान प्रत्यंगिरा नरसिंह, भगवान नरसिंह और मां प्रत्यंगिरा की संयुक्त भयंकर ऊर्जा, नकारात्मक शक्तियों के विरुद्ध सर्वोच्च रक्षक हैं। उनकी कृपा का आहवान आक्रमण के लिए नहीं, बल्कि भक्तों को हानिकारक इरादों, मानसिक हमलों और नज़र दोष से बचाने के लिए बुलाई जाती है। नरसिंह प्रत्यंगिरा नज़र दोष निवारण पूजा और महा शांति हवन इसी रक्षा कृपा के लिए पवित्र अनुष्ठान है।
🦁 श्री प्रत्यंगिरा नरसिंह की रक्षा शक्ति
भक्त प्रह्लाद की कथा बताती है कि जब परिवार से ही खतरा आया, तो भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारण कर अपने भक्त की रक्षा की। हिरण्यकशिपु अहंकार, शत्रुता और छिपे खतरे का प्रतीक था, जिसे सामान्य तरीके से हराना असंभव था। नरसिंह ने सटीक समय पर प्रकट होकर खतरा खत्म किया और संतुलन बहाल किया। इसी तरह, श्री प्रत्यंगिरा नरसिंह को बुलाकर शत्रु ऊर्जाओं को शांत किया जाता है, छिपे दुश्मनों से डर दूर होता है, और दिव्य व्यवस्था से शांति आती है। अमावस्या पर, जो रक्षा और शांति कर्मों के लिए शक्तिशाली दिन है, योग्य पुजारी भगवान नरसिंह और माँ प्रत्यंगिरा के मंत्रों के साथ यह पूजा और महा शांति हवन करते हैं। पवित्र अग्नि अनुष्ठान नकारात्मकता सोखता है और स्थिरता, स्पष्टता व आंतरिक ताकत के लिए प्रार्थना करता है।
इस अमावस्या विशेष पूजा से भक्त नज़र दोष से रक्षा, परेशानियों से राहत और मानसिक शांति की विनती करते हैं, श्री प्रत्यंगिरा नरसिंह की सतर्क कृपा पर भरोसा रखते हैं।
श्री मंदिर के माध्यम से यह विशेष पूजा जीवन में आर्थिक राहत और शांति की दिव्य कृपा आमंत्रित कर सकती है।