🕉️ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में महामृत्युंजय जाप एक अत्यंत प्रभावशाली और कल्याणकारी वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां की गई पूजा और मंत्र साधना शीघ्र फल प्रदान करती है। महामृत्युंजय मंत्र को आरोग्य, दीर्घायु और मृत्यु भय निवारण का मंत्र कहा गया है। यह मंत्र शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसी महत्व के साथ इस सोमवार यह महानुष्ठान होने जा रहा है, जिसमें भाग लेने का अवसर हाथ से न जाने दें!
जब व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी, लंबे समय से चल रहे स्वास्थ्य कष्ट, मानसिक तनाव या कमजोरी से जूझ रहा होता है, तब महामृत्युंजय जाप विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। ओंकारेश्वर की पवित्र भूमि पर इस मंत्र का जाप करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मन को शांति मिलती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। यह जाप नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आत्मबल और विश्वास को मजबूत करता है।
महामृत्युंजय जाप जीवन में संतुलन लाता है और व्यक्ति को भय, चिंता तथा अनिश्चितता से मुक्त करता है। नियमित या विशेष अनुष्ठान के रूप में किया गया यह जाप न केवल बेहतर स्वास्थ्य देता है, बल्कि जीवन को दीर्घ, स्थिर और सुखमय बनाने में भी सहायक माना जाता है। लंबी उम्र के लिए महामृत्युंजय मंत्र जाप का महत्व अत्यंत विशेष माना गया है।
महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव को समर्पित है और इसे दीर्घायु, आरोग्यता और मृत्यु भय निवारण का मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का नियमित जाप करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और गंभीर बीमारियों से रक्षा की राह मिलती है। विद्वानों द्वारा आपके नाम-गोत्र के साथ किया गया यह मंत्रजाप भक्तों के मन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और मानसिक शांति का संचार करता है। मान्यता है कि महामृत्युंजय जाप अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है और जीवन को स्थिर, सुरक्षित व संतुलित बनाने की शक्ति रखता है। इससे आयु, स्वास्थ्य और जीवन शक्ति में वृद्धि की दिशा मजबूत होती है।
श्री मंदिर द्वारा आयोजित होने जा रहे बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए महामृत्युंजय जाप साधना में भाग लें और अचानक आने वाली मुसीबतों से सुरक्षा की दिशा मजबूत करें।