🌼माघ मेला में बसंत पंचमी का शाही स्नान अत्यंत पावन और सिद्धिदायक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन देवगण, सिद्ध और ऋषि सूक्ष्म रूप से संगम में स्नान करते हैं, जिससे इस दिन का स्नान विशेष पुण्य प्रदान करता है। माघ मास में किया गया शाही स्नान पापों का नाश कर आत्मा की शुद्धि करता है और पूर्व जन्मों के कर्म बंधन को हल्का करता है। बसंत ऋतु के आगमन से प्रकृति में नई चेतना का संचार होता है, जो साधक के भीतर भी आध्यात्मिक जागरण उत्पन्न करता है। इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्नान-अनुष्ठान करने से मोक्ष, आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति मानी गई है।
🌼 11,000 माँ सरस्वती बीज मंत्र जाप, सरस्वती सहस्रनाम पूजा और यज्ञ एक अत्यंत दिव्य और शक्तिशाली साधना है, जो विद्या, बुद्धि और सृजनात्मक ऊर्जा को सक्रिय करने के लिए समर्पित की जाती है। इस अनुष्ठान में सबसे पहले माँ सरस्वती के बीज मंत्र का 11,000 बार जाप किया जाता है। बीज मंत्र एक शक्तिशाली तांत्रिक मन्त्र है, जो साधक के मस्तिष्क, वाणी-संवाद और मानसिक ऊर्जा को केंद्रित करता है और ध्यान को गहन बनाता है। इसके बाद सरस्वती सहस्रनाम अर्चना द्वारा मां सरस्वती के 1,000 नामों का पाठ एवं विधिपूर्वक पूजन किया जाता है। यह अर्चना ज्ञान, विवेक, स्मरण शक्ति और वाणी दोष निवारण में अत्यंत प्रभावशाली होती है।
🌼 अनुष्ठान के अंत में यज्ञ की अग्नि में शुद्ध आहुति देकर सरस्वती यज्ञ संपन्न किया जाता है। यज्ञ की पवित्र अग्नि समस्त नकारात्मक ऊर्जा, बाधा और मानसिक भ्रम को नष्ट करती है। इस संपूर्ण साधना से विद्यार्थियों, कलाकारों और ज्ञान साधकों के जीवन में शांति, स्थिरता, कार्य सिद्धि और उच्चतर बुद्धि का विकास संभव है। यह अनुष्ठान दीर्घकालिक प्रभावशाली माना गया है और भक्तों को आध्यात्मिक और भौतिक, दोनों क्षेत्रों में सफलता और समृद्धि की दिशा दिखा सकता है।
💫 श्री मंदिर द्वारा बसंत पंचमी-शाही स्नान के दिव्य काल में होने जा रहे 11,000 माँ सरस्वती बीज मंत्र जाप, सरस्वती सहस्रनाम पूजा और यज्ञ में भाग लेने का अवसर हाथ से न जाने दें!